कानपुर: 15 साल की नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में सपा नेता पर मुकदमा दर्ज, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 78
कानपुर के अरौल क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ अश्लील हरकत करने और जबरदस्ती करने के आरोप में समाजवादी पार्टी के नेता के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

महिला सुरक्षा के दावों की खुली पोल

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चल रहे सरकारी दावों की कलई एक शर्मनाक घटना ने खोलकर रख दी है। अरौल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में समाजवादी पार्टी के एक दबंग और रसूखदार नेता पर 15 वर्षीय एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ और जबरदस्ती करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना से स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है। पीड़िता के परिवार वालों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी सपा नेता के खिलाफ नामजद मुकदमा पंजीकृत कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित नाबालिग लड़की रोज की भांति अपने खेतों में मवेशियों के लिए चारा लेने के लिए गई हुई थी। खेत में उसे अकेली पाकर आरोपी सपा नेता की नीयत खराब हो गई। आरोपी ने पहले लड़की को अपनी बातों में फंसाने की कोशिश की और उसे ₹100 का लालच देकर बहलाने का प्रयास किया। जब स्वाभिमानी नाबालिग ने पैसे लेने से सख्ती से इनकार कर दिया, तो आरोपी नेता भड़क उठा। लड़की द्वारा पैसे ठुकराए जाने से बौखलाए आरोपी ने पीड़िता का जबरन हाथ पकड़ लिया और उसे खींचकर खेत में गिरा दिया। वह पीड़िता के साथ अश्लील हरकत करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन लड़की ने साहस का परिचय दिया और संघर्ष करते हुए आरोपी के चंगुल से छूटकर जान बचाकर भागने में सफल रही।

परिजनों का फूटा गुस्सा

घटना के बाद डरी-सहमी पीड़िता घर पहुंची और अपनी मां को रोते-रोते आपबीती सुनाई। इस खौफनाक वारदात के चलते पीड़िता का पूरा परिवार सदमे और दहशत में है। घटना से आक्रोशित होकर परिजन तुरंत अरौल थाने पहुंचे और आरोपी नेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज करवाई। इस घटना ने सरकार द्वारा चलाए जा रहे नारी सुरक्षा अभियानों और मिशन शक्ति जैसे कार्यक्रमों की जमीनी हकीकत पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस कार्रवाई पर टिकी सबकी नजरें

इलाके के निवासियों में इस घटना को लेकर भारी गुस्सा व्याप्त है। लोगों का कहना है कि जब दिन के उजाले में खेत जैसी जगहों पर बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो सरकारी दावों का कोई मतलब नहीं रह जाता है। अब सबकी निगाहें कानपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर टिकी हैं कि क्या पुलिस बिना किसी राजनीतिक दबाव के इस पॉक्सो (POCSO) एक्ट के मामले में त्वरित कार्रवाई करेगी और आरोपी रसूखदार नेता को जल्द से जल्द जेल भेजेगी। इस घटना ने फिर साबित कर दिया है कि केवल कागजी विज्ञापनों और अभियानों से जमीनी हकीकत नहीं बदली जा सकती है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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