छत्तीसगढ़
15 घंटे पहले
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कांकेर में फैली दहशत
छत्तीसगढ़ का कांकेर जिला एक अत्यंत दर्दनाक और वीभत्स घटना से दहल गया है। बुधवार की सुबह नरहरपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लारगांव मरकाटोला इलाके में एक मादा भालू ने ऐसा आतंक मचाया कि दो मासूम सगे भाई-बहनों की जान चली गई। इस घटना ने न केवल स्थानीय निवासियों को दहला दिया है, बल्कि वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। भालू का हमला इतना आक्रामक था कि उसने न केवल बच्चों को अपना शिकार बनाया, बल्कि घंटों तक उनके शवों के पास ही डटा रहा और उन्हें लगातार नोचता और चीरता रहा।
कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह सिलसिला मंगलवार को ही शुरू हो गया था। नरहरपुर वन परिक्षेत्र में एक मादा भालू ने अपने ही बच्चे को मार दिया था, जिसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई थी। इसके बाद भालू स्कूल के पिछले हिस्से में छिपकर बैठ गया। बुधवार की सुबह जब एक ग्रामीण युवक गाय चराने के लिए निकला, तो भालू ने अचानक उस पर हमला कर दिया। युवक की चीखें सुनकर उसकी दो बहनें उसे बचाने के लिए दौड़ीं। हालांकि, भालू ने उन बहनों पर भी जानलेवा हमला कर दिया। इस भीषण हमले में एक भाई और एक बहन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी बहन बुरी तरह घायल हो गई। घायल बच्ची को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
5 घंटे तक शवों के साथ बर्बरता
इस घटना का सबसे डरावना पहलू यह रहा कि भाई-बहन की जान लेने के बाद भी वह खूंखार भालू उनके शवों के पास से नहीं हटा। करीब 5 घंटे तक वह लगातार शवों को नोचता और चीरता रहा। इस खौफनाक मंजर को देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस दौरान स्थानीय विधायक आशाराम नेताम भी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा प्रदान करने का आश्वासन दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रायपुर से वन विभाग की विशेष टीम बुलाई गई, जिसने काफी मशक्कत के बाद मादा भालू को ट्रेंकुलाइज किया।
ग्रामीणों का भड़का गुस्सा
वन विभाग की टीम ने जैसे ही भालू को बेहोश किया, वैसे ही घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों का आक्रोश और अधिक बढ़ गया। लोगों ने बेहोश पड़े भालू पर लाठी और डंडों से हमला कर दिया। पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने भीड़ को रोकने की काफी कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा था। कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह बेहोश भालू और मृतकों के शवों को वहां से बाहर निकाला जा सका। हंगामे के बीच भीड़ ने मीडिया की गाड़ियों को भी घेर लिया और उन्हें वहां से जाने से रोकने की कोशिश की गई।
बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष
कांकेर जिले में मानव और जंगली जानवरों के बीच बढ़ते संघर्ष का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले में भालू के हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस तरह की वारदातों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है। वहीं दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के इस मामले के अलावा राजस्थान के अजमेर से भी इसी तरह की घटना की खबर आई है, जहां एक जंगली भालू के हमले में 4 लोग घायल हो गए हैं। अजमेर में भालू ने उस वक्त हमला किया जब एक महिला नरेगा में काम करने के लिए जा रही थी। उसे बचाने के लिए जो लोग आगे आए, भालू ने उन पर भी घातक हमला कर दिया।
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