करियर
एक घंटा पहले
2
विचारों
सफलता की कहानियां तो आपने बहुत सुनी होंगी, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो सीधे दिल को छू जाती हैं और युवाओं के भीतर कुछ नया करने का जज्बा पैदा करती हैं। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रहने वाले 22 साल के विकास सिंह पंवार की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। विकास ने अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर न केवल देश के सबसे बड़े रियलिटी शो में बड़ी धनराशि जीती, बल्कि उसके तुरंत बाद देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली प्रशासनिक परीक्षा को भी अपने पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर दिखाया। साल 2025 की सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया 159वीं रैंक (AIR 159) हासिल की है। इससे पहले, नवंबर 2025 में वे टेलीविजन शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) के सीजन 17 में अपनी कुशाग्र बुद्धि का प्रदर्शन करते हुए 50 लाख रुपये जीतने में सफल रहे थे।
शिमला के जुबली गांव से दिल्ली के हिंदू कॉलेज तक का सफर
विकास सिंह पंवार मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के जुबली नामक एक छोटे से गांव के रहने वाले हैं। एक साधारण पृष्ठभूमि वाले ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश के सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा तक पहुंचने का उनका यह सफर बेहद प्रेरणादायक है। विकास की शुरुआती स्कूली पढ़ाई डीएवी न्यू शिमला से पूरी हुई। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए उन्होंने देश की राजधानी का रुख किया।
विकास ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज में दाखिला लिया, जहां से उन्होंने राजनीति विज्ञान (पॉलिटिकल साइंस) में अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी की। विकास के परिवार में शिक्षा को हमेशा से ही प्राथमिकता दी गई है। उनके पिता चतेर सिंह खुद एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं। पिता के मार्गदर्शन और घर के शैक्षणिक माहौल ने विकास को हमेशा आगे बढ़ने और जनसेवा के क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान ही विकास ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते हुए UGC NET की परीक्षा भी पास कर ली थी।
KBC के मंच पर बिखेरा अपनी मेधा का जलवा
अपनी प्रशासनिक परीक्षा की तैयारियों के बीच ही विकास सिंह पंवार को नवंबर 2025 में लोकप्रिय ज्ञान आधारित रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' के सीजन 17 में भाग लेने का मौका मिला। शो के होस्ट और सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के सामने हॉटसीट पर बैठकर विकास ने अपनी अद्भुत तार्किक क्षमता, शांत स्वभाव और ज्ञान का ऐसा प्रदर्शन किया कि हर कोई दंग रह गया।
इस शो में शानदार खेल दिखाते हुए विकास 50 लाख रुपये की बड़ी राशि जीतने में कामयाब रहे। वह खेल के दौरान 1 करोड़ रुपये के सवाल तक भी पहुंच गए थे। हालांकि, कोई जोखिम न लेते हुए उन्होंने बहुत ही समझदारी से काम लिया और गेम को वहीं छोड़ दिया। दिलचस्प बात यह है कि खेल छोड़ने के बाद जब अमिताभ बच्चन ने उनसे केवल अनुमान लगाने को कहा, तो विकास का वह अनुमान भी बिल्कुल सही निकला। इस शो से मिली देशव्यापी लोकप्रियता ने उन्हें हर घर में एक जाना-पहचाना नाम बना दिया था।
पहले ही प्रयास में हासिल की यूपीएससी में सफलता
KBC के मंच पर मिली इस बड़ी सफलता के बाद भी विकास का मुख्य लक्ष्य कभी अपनी राह से नहीं डिगा। उनका असली सपना देश की प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज की सेवा करना था। अपनी इस तैयारी को सही दिशा देने के लिए उन्होंने 'नेक्स्ट आईएएस' द्वारा आयोजित नेशनल स्कॉलरशिप टेस्ट में हिस्सा लिया और उसमें बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 100% स्कॉलरशिप हासिल की। इस स्कॉलरशिप की मदद से उन्हें परीक्षा की तैयारी के लिए उत्कृष्ट मार्गदर्शन और कोचिंग की सुविधा प्राप्त हुई।
विकास ने अपनी इस कठिन परीक्षा के लिए वैकल्पिक विषय (ऑप्शनल सब्जेक्ट) के रूप में राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंध (PSIR) को चुना, जो उनके ग्रेजुएशन का भी विषय था। अपनी कड़ी मेहनत और सुनियोजित रणनीति के दम पर उन्होंने यूपीएससी 2025 की परीक्षा को पहले ही प्रयास में क्रैक कर लिया। इस परीक्षा में उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा:
- लिखित परीक्षा (मुख्य परीक्षा) में उन्होंने कुल 787 अंक हासिल किए।
- व्यक्तित्व परीक्षण (इंटरव्यू) में उन्हें 201 अंक प्राप्त हुए।
- इस प्रकार उन्होंने कुल 2025 अंकों में से कुल 988 अंक अर्जित किए और देश भर में 159वीं रैंक (AIR 159) हासिल की।
देश के युवाओं के लिए एक नई मिसाल
मात्र 22 साल की छोटी सी उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धियां हासिल करना किसी सपने जैसा लगता है। एक तरफ राष्ट्रीय टेलीविजन पर अपनी बुद्धि का लोहा मनवाना और 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि जीतना, दूसरी तरफ बेहद कठिन मानी जाने वाली UGC NET परीक्षा उत्तीर्ण करना, और फिर इन सबके बीच देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी को पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना पूरा करना, विकास की यह पूरी यात्रा देश के लाखों युवाओं को प्रेरित करती है। उनकी यह कहानी साबित करती है कि यदि इरादे मजबूत हों, मन में अनुशासन हो और खुद पर पूरा भरोसा हो, तो देश के किसी भी सुदूर कोने या छोटे से गांव से निकलकर दुनिया के सबसे ऊंचे शिखर को छुआ जा सकता है।
Comments
0 comment