Rajasthan PTET 2026: 41 जिलों के 300 केंद्रों पर परीक्षा, 1.26 लाख अभ्यर्थी और AI से होगी निगरानी करियर एक घंटा पहले 2
राजस्थान में आज प्रदेशभर में पीटीईटी परीक्षा का आयोजन हो रहा है, जिसमें 1.26 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। नकल रोकने के लिए जयपुर और कोटा में हाईटेक कमांड सेंटर बनाए गए हैं, जहां एआई सॉफ्टवेयर से पैनी नजर रखी जा रही है।

राजस्थान में शिक्षक बनने का सपना संजोने वाले युवाओं के लिए आज का दिन बेहद खास है। प्रदेशभर में आज पीटीईटी परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। परीक्षा की हर गतिविधि पर पल-पल नजर रखने के लिए जयपुर और कोटा में हाईटेक कमांड सेंटर स्थापित किए गए हैं। इस बार संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए एआई सॉफ्टवेयर का सहारा लिया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नकल की कोई गुंजाइश न बचे।

इस वर्ष पीटीईटी परीक्षा कराने की जिम्मेदारी वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी (VMOU) को सौंपी गई है। विश्वविद्यालय ने परीक्षा के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य रखा गया है। सुबह से ही केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ नजर आ रही है, जहां नियमों का सख्ती से पालन कराते हुए प्रवेश दिया जा रहा है।

41 जिलों के 300 केंद्रों पर आयोजन

इस साल पीटीईटी परीक्षा राजस्थान के 41 जिलों में कराई जा रही है। प्रदेश में कुल 300 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। परीक्षा के लिए 1 लाख 26 हजार 600 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के एकत्र होने के कारण केंद्रों के बाहर सुबह से ही गहमागहमी बनी रही। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए पहले से ही इंतजाम कर रखे थे।

प्रवेश के सख्त नियम, बायोमेट्रिक जरूरी

परीक्षा में किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े या 'डमी कैंडिडेट' पर रोक लगाने के लिए इस बार प्रवेश के नियम बेहद कड़े रखे गए हैं। उम्मीदवारों को सुबह 7 बजकर 30 मिनट से ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलना शुरू हो गया था, जो 8 बजकर 30 मिनट तक जारी रहेगा। इसके बाद केंद्रों के गेट पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। प्रवेश के दौरान हर अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा है, यानी जब तक अंगूठे का निशान और पहचान का मिलान नहीं होगा, तब तक किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।

सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक परीक्षा

सभी सुरक्षा जांच और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद ठीक सुबह 9 बजे परीक्षा शुरू होगी। यह परीक्षा दोपहर 12 बजे तक यानी कुल 3 घंटे तक चलेगी। परीक्षा हॉल के भीतर भी कड़े नियम लागू किए गए हैं और इंविजिलेटर को हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे शांत मन से पेपर हल करें, क्योंकि उनकी महीनों की मेहनत का नतीजा इन्हीं 3 घंटों में तय होना है।

जयपुर और कोटा में कमांड सेंटर, AI रखेगा नजर

इस बार की पीटीईटी परीक्षा तकनीकी रूप से भी काफी उन्नत है। पेपर लीक या नकल जैसी घटनाओं को रोकने के मकसद से जयपुर और कोटा में हाईटेक कमांड सेंटर बनाए गए हैं। इन सेंटरों से राज्य के सभी परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। जो केंद्र संवेदनशील श्रेणी में आते हैं, वहां एआई सॉफ्टवेयर के जरिए निगरानी रखी जा रही है। यह सॉफ्टवेयर परीक्षा हॉल में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़कर अलर्ट जारी कर देता है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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