दो बार मिली असफलता, फिर भी नहीं मानी हार, अब लेह-लद्दाख के DGP के रूप में संभाल रहे कमान करियर 2 महीने पहले 104
बुरहानपुर के रहने वाले आनंद जैन ने यूपीएससी में सफलता हासिल कर आईपीएस बनने का सपना सच किया। आज वे लेह-लद्दाख के डीजीपी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

इंजीनियरिंग के बाद चुना कठिन रास्ता

बुरहानपुर के सपूत आनंद जैन की सफलता की कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो अपने लक्ष्य के लिए संघर्ष कर रहा है। अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने आईपीएस अधिकारी बनने का मन बनाया। इस सफर में उनके परिवार और दोस्तों का बड़ा योगदान रहा। वे 1992 में यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली रवाना हुए।

तीसरी कोशिश में मिली बड़ी कामयाबी

दिल्ली में रहकर उन्होंने कड़ी मेहनत की। यूपीएससी की परीक्षा में उन्हें शुरुआती दो प्रयासों में असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर उन्होंने तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया में 89वीं रैंक प्राप्त की। इसके बाद वे आईपीएस अधिकारी के रूप में देश सेवा के लिए चुने गए। उनकी पहली नियुक्ति जम्मू-कश्मीर में हुई थी, जहां से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की। निरंतर मेहनत और शानदार कार्यप्रणाली के चलते आज वे लेह-लद्दाख के डीजीपी के पद पर कार्यरत हैं।

बचपन और सम्मान की झलक

आनंद जैन के छोटे भाई जितेंद्र जैन ने बताया कि उनका पूरा बचपन बुरहानपुर की गलियों में बीता और उन्होंने नेहरू मोंटेसरी स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। बचपन से ही उन्हें खेलों के प्रति गहरा लगाव था और फुटबॉल उनका पसंदीदा खेल रहा है। उन्हें उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली के लिए दो बार राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में उनके डीजीपी बनने से परिवार में उत्साह का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप