दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: अब अग्निवीरों को जेल और फायर सर्विस में मिलेगा 20 प्रतिशत आरक्षण करियर एक घंटा पहले 2
दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने अग्निवीर योजना से सेवानिवृत्त होने वाले युवाओं के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब अग्निवीरों को दिल्ली की फायर सर्विस और जेल विभाग की सीधी भर्तियों में 20 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा।

दिल्ली सरकार का अग्निवीरों के लिए बड़ा तोहफा

अग्निवीर योजना के तहत देश की सेवा करने वाले युवाओं के लिए एक बेहद सुखद और राहत भरी खबर सामने आई है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य के दो प्रमुख सरकारी विभागों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की सुविधा को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब दिल्ली फायर सर्विस और जेल विभाग में निकलने वाली सीधी भर्तियों में अग्निवीरों के लिए रोजगार के नए अवसर खुल गए हैं। यह पहल केंद्र सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसका उद्देश्य अग्निवीरों का सफलतापूर्वक पुनर्वास करना है।

भर्ती नियमों में बदलाव की प्रक्रिया

इस फैसले के पीछे की आधिकारिक प्रक्रिया के बारे में बात करें तो भारत सरकार के केंद्रीय गृह सचिव द्वारा 25 मार्च 2026 को भेजे गए पत्र के संदर्भ में दिल्ली के गृह विभाग ने इस संबंध में विधिवत नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। उपराज्यपाल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 309 के अंतर्गत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए भर्ती के मौजूदा नियमों में संशोधन किया है। इस नीति के लागू होने से न केवल सेना से कार्यमुक्त हुए युवाओं को दिल्ली में स्थायी और सम्मानजनक सरकारी नौकरियां मिल सकेंगी, बल्कि उन्हें चयन प्रक्रिया में भी कई प्रकार की विशेष छूट दी जाएगी।

किन विभागों और पदों पर मिलेगा लाभ

नोटिफिकेशन के अनुसार, यह 20 प्रतिशत का आरक्षण कोटा मुख्य रूप से दिल्ली सरकार के दो विभागों में लागू होगा। इसकी विस्तृत जानकारी निम्नलिखित है:

  • दिल्ली फायर सर्विस (DFS): यहां फायर ऑपरेटर के पदों पर भर्ती के दौरान पूर्व अग्निवीरों को यह आरक्षण प्राप्त होगा।
  • जेल विभाग: जेल विभाग में वॉर्डर और मैट्रन के पदों पर होने वाली सीधी नियुक्तियों में भी 20 प्रतिशत सीटें अग्निवीरों के लिए सुरक्षित रहेंगी।

आयु सीमा और शारीरिक दक्षता परीक्षा में विशेष छूट

आरक्षण के अलावा, दिल्ली सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को ऊपरी आयु सीमा में भी रियायत देने का प्रावधान रखा है। सामान्य तौर पर, सभी पूर्व अग्निवीरों को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में 3 साल की अतिरिक्त छूट प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, अग्निवीर योजना के पहले बैच से सेवानिवृत्त होने वाले युवाओं के लिए यह छूट और भी अधिक, यानी अधिकतम 5 साल तक की होगी।

चूंकि फायर सर्विस और जेल विभाग की नौकरियों में शारीरिक फिटनेस का बहुत अधिक महत्व होता है, इसलिए यह स्पष्ट किया गया है कि शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के मानकों में दी जाने वाली छूट का निर्धारण संबंधित विभाग स्वयं करेंगे। इसके अतिरिक्त, यदि किसी विशेष भर्ती प्रक्रिया के दौरान पात्र पूर्व अग्निवीर उम्मीदवारों की संख्या पर्याप्त नहीं रहती है, तो उन रिक्त सीटों को भारत सरकार के क्षैतिज आरक्षण दिशा-निर्देशों के अनुसार भरा जाएगा।

सशस्त्र बलों और पुलिस में पहले से मौजूद है कोटा

यह निर्णय केंद्र सरकार के उस व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसके तहत पूर्व अग्निवीरों को विभिन्न अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और आपातकालीन सेवाओं में समायोजित किया जा रहा है। केंद्र सरकार पहले ही सीएपीएफ (CAPFs) और असम राइफल्स के अंतर्गत कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) तथा राइफलमैन के कुल 50 प्रतिशत पदों को पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित कर चुकी है। दिल्ली सरकार के इस नए आदेश ने अब अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण स्तंभ जोड़ दिया है, जिससे युवाओं का मनोबल बढ़ेगा और उन्हें समाज की मुख्यधारा में सरकारी नौकरी के साथ सम्मानजनक जीवन बिताने का अवसर मिलेगा।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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