जियो आईपीओ के लिए मची होड़, 8,110 करोड़ की एंकर बुक के लिए मिले 2.5 लाख करोड़ के आवेदन आईपीओ 3 घंटे पहले 7
रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में निवेशकों ने भारी उत्साह दिखाया है और एंकर बुक को 30 गुना से अधिक का सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ है।

निवेशकों का जबरदस्त उत्साह

मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज की इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स के आने वाले आईपीओ को लेकर शेयर बाजार में माहौल बेहद गर्म है। कंपनी के सार्वजनिक निर्गम से पहले ही बड़े संस्थागत निवेशकों ने निवेश की लाइन लगा दी है। आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी की 8,110 करोड़ रुपये की एंकर बुक के लिए कुल 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बोलियां प्राप्त हुई हैं। मांग का यह स्तर उपलब्ध शेयरों की तुलना में 30 गुना से भी अधिक है, जो स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि जियो के भविष्य को लेकर निवेशकों का भरोसा कितना मजबूत है।

दिग्गज संस्थानों की बड़ी भागीदारी

जियो के इस एंकर राउंड में दुनिया के सबसे बड़े निवेशकों ने अपना पैसा दांव पर लगाया है। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन और इनवेस्को जैसे नाम प्रमुख हैं। इसके साथ ही, विदेशी सरकारी फंडों जैसे सिंगापुर जीआईसी, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट ने भी इसमें बड़ी रुचि दिखाई है। घरेलू बाजार की बात करें तो एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड और कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने भी बड़े निवेश किए हैं। बीमा क्षेत्र से एलआईसी, एचडीएफसी लाइफ और एसबीआई लाइफ ने भी इस प्रक्रिया में भाग लिया है।

आईपीओ की प्रमुख जानकारियां

जियो प्लेटफॉर्म्स का बहुप्रतीक्षित आईपीओ आगामी 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और यह 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। कंपनी इस सार्वजनिक पेशकश के माध्यम से 30,213 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए शेयर का मूल्य दायरा 1,065 रुपये से लेकर 1,119 रुपये के बीच निर्धारित किया गया है। इस इश्यू में कंपनी द्वारा अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर बाजार में उतारे जाएंगे। जानकारों का मानना है कि ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी का मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर पहुंच सकता है, जिससे यह देश के सबसे बड़े आईपीओ में गिना जाएगा।

जियो का व्यापक डिजिटल नेटवर्क

जियो प्लेटफॉर्म्स केवल मोबाइल कनेक्टिविटी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह ब्रॉडबैंड, डिजिटल एंटरटेनमेंट, क्लाउड कंप्यूटिंग और एंटरप्राइज समाधानों के क्षेत्र में भी काम करती है। जून 2026 तक कंपनी के पास 53.33 करोड़ ग्राहक थे। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, भारत में कुल डेटा ट्रैफिक का लगभग 60% हिस्सा अकेले जियो द्वारा वहन किया जाता है। आईपीओ से प्राप्त होने वाली धन राशि का मुख्य उपयोग कंपनी अपनी दूरसंचार सहायक इकाई पर मौजूद कर्ज को कम करने और अन्य सामान्य कॉर्पोरेट आवश्यकताओं को पूरा करने में करेगी।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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