जींद के कबड्डी स्टार मोहित दलाल का निधन, 27 साल की उम्र में हार्ट अटैक ने छीनी जान हरियाणा 2 घंटे पहले 3
हरियाणा के जींद जिले के रहने वाले अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी मोहित दलाल का अचानक निधन हो गया है। महज 27 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत से खेल जगत में शोक की लहर है।

मैदान का धुरंधर खिलाड़ी अब हमारे बीच नहीं

हरियाणा के जींद जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जिले के रहने वाले 27 वर्षीय अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी मोहित दलाल, जिन्हें चेतन के नाम से भी जाना जाता था, अब हमारे बीच नहीं रहे। उनकी असमय मृत्यु ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे कबड्डी जगत को स्तब्ध कर दिया है। परिजनों के अनुसार, बुधवार की सुबह घर पर ही अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने उनकी मौत का प्राथमिक कारण हार्ट अटैक बताया है।

शानदार रेडर के रूप में बनाई थी पहचान

मोहित दलाल कबड्डी के खेल में अपनी अद्भुत फुर्ती और शानदार रेडिंग के लिए काफी मशहूर थे। खेल के प्रति उनके समर्पण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह अपने करियर के दौरान दर्जनों बार बेस्ट रेडर का खिताब अपने नाम कर चुके थे। हरियाणा और पंजाब के कई बड़े टूर्नामेंट्स में उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और ढेरों इनाम जीते। खेल के जानकारों और उनके साथियों के बीच वह दबाव में सटीक फैसले लेने की अपनी क्षमता के लिए पहचाने जाते थे। उन्होंने शीलू बल्हारा जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ भी मैच खेले थे।

देश से लेकर विदेशों तक बिखेरा जलवा

मोहित का खेल केवल भारत तक ही सीमित नहीं था। अपनी मेहनत और हुनर के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का मान बढ़ाया। उन्होंने न केवल भारत में बल्कि दुबई, कनाडा और इंग्लैंड जैसे देशों में जाकर कबड्डी के मुकाबले खेले और वहां भी कई ट्रॉफियां अपने नाम कीं। विदेशों में जाकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक था।

खेल के प्रति बचपन से था जुनून

नंदगढ़ गांव के रहने वाले मोहित का खेल के प्रति लगाव महज 10 साल की उम्र से ही शुरू हो गया था। उन्होंने गांव के ही रहने वाले पहलवान प्रकाश के मार्गदर्शन में स्थानीय स्टेडियम में अभ्यास करना शुरू किया था। बेहद कम उम्र से ही कबड्डी उनकी दिनचर्या का एक अनिवार्य हिस्सा बन गई थी। वे अपने परिवार में पहले व्यक्ति थे जिन्होंने इस खेल में इतनी बड़ी पहचान बनाई थी। मोहित अविवाहित थे और उनकी पूरी दुनिया कबड्डी के इर्द-गिर्द ही घूमती थी।

वापसी की तैयारी में थे मोहित

हाल के दिनों में मोहित को चोट लग गई थी, जिसके चलते उन्हें एक ऑपरेशन से गुजरना पड़ा था। इस चोट के बाद से ही वह पूरी तरह से रिकवरी कर रहे थे। अपने फैंस और परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द ही स्वस्थ होकर दोबारा कबड्डी के मैदान में वापसी करेंगे। उन्होंने अभ्यास भी दोबारा शुरू कर दिया था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अचानक आई इस स्वास्थ्य समस्या ने उनसे जीवन की बाजी छीन ली। उनकी मौत की खबर सुनते ही उनके गांव और आसपास के क्षेत्रों में मातम पसर गया है। उनके साथी खिलाड़ियों ने उन्हें एक बेहतरीन इंसान और जुझारू खिलाड़ी बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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