बिहार
एक घंटा पहले
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वाणावर रोप-वे निर्माण का काम अंतिम चरण में
बिहार की राजधानी पटना से महज 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित जहानाबाद जिले में वाणावर पहाड़ी के पास एक बड़ी सौगात तैयार हो रही है। यहाँ रोप-वे का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। यह परियोजना न केवल भगवान शिव के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा साबित होगी, बल्कि पूरे इलाके में पर्यटन को नई गति देने का काम करेगी। स्थानीय प्रशासन और संबंधित निर्माण कंपनी इस पूरे कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए जी-जान से जुटी हुई है।
सितंबर से अक्टूबर के बीच मिलने की संभावना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे रोप-वे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 31 अक्टूबर की अंतिम समय सीमा निर्धारित की गई है। हालांकि, निर्माण की तेज गति को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि रोप-वे सितंबर महीने तक ही सेवा शुरू करने के लिए तैयार हो सकता है। फिलहाल, ग्राउंड जीरो पर सभी जरूरी टावर्स को खड़ा किया जा चुका है और अब ग्राउंड स्टेशन के निर्माण पर तेजी से ध्यान दिया जा रहा है।
तकनीकी विशेषताएं और ट्रायल का विवरण
इस आधुनिक रोप-वे में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कुल 18 ट्रॉलियों की व्यवस्था की गई है। इन ट्रॉलियों के माध्यम से यात्री ग्राउंड स्टेशन से सीधे बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर तक की यात्रा तय कर सकेंगे। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए, इंजीनियरिंग टीम ने बिना लोडिंग के 6 ट्रॉलियों का सफल परीक्षण पहले ही पूरा कर लिया है। आने वाले दिनों में जब ग्राउंड स्टेशन का काम पूरी तरह संपन्न हो जाएगा, तब पहले बिना किसी भार के और उसके बाद लोडिंग के साथ ट्रॉलियों का व्यापक ट्रायल किया जाएगा, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
परियोजना का स्वरूप और अलाइनमेंट
बराबर पहाड़ी क्षेत्र के हथियाबोर में निर्मित हो रहे इस रोप-वे का जिम्मा दामोदर रोप वे कंपनी को सौंपा गया है। वाणावर क्षेत्र में कुल दो अलग-अलग अलाइनमेंट पर रोप-वे का निर्माण कार्य योजनाबद्ध है। पहला अलाइनमेंट हथियाबोर में है जिसका काम लगभग पूरा हो चुका है और इसकी कुल लंबाई करीब 1200 मीटर है। इसके अतिरिक्त, दूसरा अलाइनमेंट पातालगंगा क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिसकी प्रस्तावित लंबाई लगभग 1000 मीटर के आसपास होगी। इन दोनों अलाइनमेंट का मिलन बिंदु बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर के बिल्कुल सामने स्थित होगा।
पर्यटन और श्रद्धालुओं के लिए लाभ
इस रोप-वे के शुरू होने से हजारों भक्तों को कठिन चढ़ाई से मुक्ति मिलेगी। सावन जैसे पवित्र महीनों में, जब लाखों की संख्या में श्रद्धालु भोले बाबा के दर्शन के लिए आते हैं, तब यह सुविधा उनके समय और श्रम की बचत करेगी। इसके अलावा, जो श्रद्धालु शारीरिक रूप से कमजोर हैं या चढ़ाई करने में असमर्थ हैं, वे भी अब आसानी से दर्शन का लाभ ले पाएंगे। यात्रा के दौरान पर्यटक ऊपर से वाणावर की हरी-भरी वादियों और नदियों का सुंदर नजारा भी देख सकेंगे। इस पर्यटन विकास से क्षेत्र के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, जिससे जहानाबाद का यह क्षेत्र पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभर कर सामने आएगा।
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