मददगार बनकर आई महिला, 'झाड़-फूंक से पैर ठीक कर दूंगी' कहकर एक माह के बच्चे को ले गई फरार छत्तीसगढ़ एक महीने पहले 18
जशपुर जिला अस्पताल में इलाज कराने आए एक पहाड़ी कोरवा परिवार का भरोसा जीतकर अज्ञात महिला उनके एक माह के बीमार बच्चे को लेकर फरार हो गई। पुलिस ने पूरे जिले में नाकाबंदी कर महिला की तलाश शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक हैरान कर देने वाली और ममता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जिला अस्पताल में अपने एक महीने के बीमार बच्चे का उपचार कराने पहुंचे एक सीधे-साधे ग्रामीण परिवार को एक अज्ञात महिला ने अपनी चालबाजी का शिकार बना लिया। मददगार बनकर पहुंची इस महिला ने बेबस परिवार का विश्वास जीता और महज एक महीने के नवजात को गोद में लेकर वहां से रफूचक्कर हो गई।

इस सनसनीखेज वारदात के बाद अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जशपुरनगर पुलिस तत्काल अलर्ट मोड पर आ गई और आरोपी महिला को पकड़ने के लिए पूरे जिले में कड़ी नाकाबंदी कर दी गई।

परिवार किस गांव का रहने वाला है

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम मरंगीपाठ से जुड़ी है। यहां के रहने वाले दसुआ राम अपनी पत्नी सोमरी बाई और मां आगनी बाई के साथ अपने एक महीने के बीमार बच्चे का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे थे। पीड़ित परिवार विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय से ताल्लुक रखता है।

कैसे जीता परिवार का भरोसा

जब परिजन बच्चे को लेकर अस्पताल की ओपीडी के बाहर डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे, तभी वहां एक अज्ञात महिला पहुंची। उसने खुद को बेहद मददगार बताते हुए परिवार से बातचीत शुरू की और जल्द ही उनका विश्वास हासिल कर लिया। बातचीत के बीच महिला ने बच्चे के पैर की ओर देखकर कहा कि इसके पैर में अकड़न है, जिसे वह झाड़-फूंक के जरिये पूरी तरह ठीक करा देगी। भोला-भाला ग्रामीण परिवार उस शातिर महिला की बातों के जाल में पूरी तरह फंस गया।

साजिश को इस तरह दिया अंजाम

अपनी साजिश को आगे बढ़ाते हुए महिला ने परिजनों को चावल से बनी उनकी पारंपरिक शराब 'हड़िया' पिला दी, जिससे वे कुछ सुस्त पड़ गए। इसके तुरंत बाद वह परिवार को मुफ्त में भरपेट भोजन कराने के बहाने अस्पताल के पास ही स्थित एक होटल की ओर ले गई। वहां जैसे ही परिजनों का ध्यान जरा-सा भटका, महिला गोद में लिए मासूम को लेकर पलक झपकते ही फरार हो गई।

पुलिस ने शुरू की तलाश

होश आने पर जब परिजनों को बच्चा आसपास कहीं नहीं दिखा तो वे रो-बिलखकर बदहवास हो गए। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर गांधीनगर और स्थानीय पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ शहर के सभी निकास द्वारों पर नाकाबंदी कर आरोपी महिला की तलाश में जुटी है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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