जमुई से गिरिडीह की राह होगी 50 किमी छोटी, चकाई की जगह थामें यह मार्ग; रास्ते भर मनमोहक नजारे भी बिहार 2 घंटे पहले 2
जमुई से गिरिडीह जाने के लिए चकाई के बजाय खैरा होकर जाने वाला रास्ता अपनाएं तो करीब 50 किलोमीटर की दूरी बच जाती है। घने जंगलों से घिरा यह मार्ग अच्छी सड़कों और रोमांचक सफर के लिए जाना जाता है।

बिहार से झारखंड पहुंचने के लिए कई रास्ते मौजूद हैं और इनमें से अधिकतर जमुई जिले से होकर गुजरते हैं। आमतौर पर जमुई से झारखंड जाने के लिए एक ही मार्ग सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है, जो जमुई से सोनो और चकाई होते हुए झारखंड तक पहुंचता है। यही रास्ता देवघर या जसीडीह जाने के लिए सबसे प्रचलित है, और अगर किसी को बंगाल जाना हो तब भी वह इसी से सफर कर सकता है।

इसी मार्ग से लोग हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा, गुमला, पतरातू और रांची जैसी जगहों पर भी आना-जाना करते हैं। यही वजह है कि यह रास्ता सबसे अधिक चलन में है। लेकिन अगर आपको जमुई से गिरिडीह, हजारीबाग, कोडरमा या गुमला जैसे जिलों में जाना है, तो एक दूसरा रास्ता भी है जो आसान होने के साथ-साथ खूबसूरत नजारों से भरा हुआ है।

खैरा प्रखंड से होकर गुजरता है यह मार्ग

जिस रास्ते की हम बात कर रहे हैं, वह जमुई जिले के खैरा प्रखंड से होकर गुजरता है। खास बात यह है कि खैरा प्रखंड का एक बड़ा हिस्सा झारखंड के गिरिडीह जिले से सटा हुआ है। ऐसे में गिरिडीह, हजारीबाग या कोडरमा जाने के इच्छुक यात्री इसी मार्ग का उपयोग कर सकते हैं।

खैरा का गरही इलाका गिरिडीह जिले के तीसरी प्रखंड से लगता है। साथ ही यह रास्ता नवादा की ओर भी जाता है, जहां नवादा जिले के कौआकोल प्रखंड क्षेत्र का इलाका सीमावर्ती हिस्से के रूप में पड़ता है। ये तीनों जिले खैरा प्रखंड के बादिलडीह में आकर आपस में मिल जाते हैं। इस मार्ग से जाने पर आपके करीब 50 किलोमीटर तक की दूरी की बचत हो जाती है।

कैसे करें इस रास्ते से यात्रा

अगर आप गिरिडीह जाना चाहते हैं तो सबसे पहले जमुई पहुंचें। इसके बाद यहां से करीब 6 किलोमीटर दूर खैरा बाजार जाकर आगे की यात्रा कर सकते हैं। पहले खैरा से होकर चकाई का रास्ता छोटी-बड़ी सभी गाड़ियों के लिए खुला हुआ था, लेकिन यहां स्थित दो पुलों के क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद अब लोगों को 30 किलोमीटर अतिरिक्त लंबा सफर तय करना पड़ता है।

अगर आप पटना की ओर से आ रहे हैं तो सिकंदरा होकर जमुई जाने के बजाय महादेव सिमरिया के रास्ते खैरा पहुंच सकते हैं। इसके बाद बड़ीबाग, गरही और बादिलडीह होते हुए गिरिडीह, हजारीबाग और कोडरमा की ओर बढ़ सकते हैं। यहीं से नवादा और कौआकोल जाने का भी विकल्प मौजूद है।

जंगल के बीच रोमांचक सफर

यह पूरा मार्ग घने जंगलों के बीच से गुजरता है और यहां की सड़क काफी अच्छी हालत में है। इस रास्ते पर सफर के दौरान आप ऊबेंगे नहीं, बल्कि खूबसूरत नजारों के साथ आपकी यात्रा बेहद रोमांचक बन जाएगी। कम समय में मनोरम दृश्यों के बीच यात्रा करने के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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