झारखंड: फर्जी पुलिसकर्मी बनकर कर रहा था वसूली, जामताड़ा से 34 वर्षीय अनूप गिरफ्तार झारखंड एक घंटा पहले 3
झारखंड के जामताड़ा में खुद को पुलिस अधिकारी बताकर रौब झाड़ने वाले एक युवक को पुलिस ने दबोच लिया है। आरोपी के पास से हथियार, फर्जी आईडी कार्ड और वर्दी बरामद हुई है।

फर्जी वर्दी पहनकर कर रहा था वसूली

झारखंड के जामताड़ा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक पुलिस की वर्दी का सहारा लेकर लोगों को धमकाने और उनसे अवैध वसूली करने का धंधा चला रहा था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 34 वर्षीय अनूप कुमार के तौर पर हुई है, जो मिहिजाम थाना क्षेत्र के कानगोई गांव का रहने वाला है।

कानगोई-डोमदाहा रोड पर हुई गिरफ्तारी

पुलिस को मुखबिरों के जरिए खबर मिली थी कि कानगोई-डोमदाहा सड़क पर एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस की वर्दी में घूम रहा है और राहगीरों को परेशान कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने तुरंत मौके पर धावा बोल दिया। जब पुलिस टीम वहां पहुंची, तो आरोपी पुलिस की ड्रेस पहने हुए शराब का सेवन कर रहा था। पुलिस अधिकारियों ने जब उससे पूछताछ की, तो उसने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए एक फर्जी पहचान पत्र दिखाया। हालांकि, फर्जी आईडी की बनावट को देखकर पुलिस को शक हो गया। कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि वह फर्जी पुलिस बनकर लोगों से ठगी कर रहा था।

भारी मात्रा में सामग्री बरामद

पुलिस की छापेमारी में आरोपी के पास से आपत्तिजनक वस्तुओं का जखीरा बरामद हुआ है। बरामदगी में निम्नलिखित सामान शामिल है:

  • एक देसी कट्टा और 5 जिंदा कारतूस
  • 2 वॉकी-टॉकी और 2 चाकू
  • 3 मोबाइल फोन
  • पुलिस की फर्जी आईडी, कैमोफ्लाज वर्दी, हवलदार का लोगो, बेल्ट, बूट और पुलिस टोपी
  • एक बैग और सरकारी कामकाज के उपयोग वाली डायरी

नेटवर्क की तलाश जारी

एसडीपीओ वसीम राजा ने इस मामले पर मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी अनूप ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि उसने यह फर्जी आईडी खुद बनवाई थी और वर्दी की खरीद उसने धनबाद से की थी। पुलिस अब उस पूरे गिरोह की तलाश कर रही है जो जाली पहचान पत्र और वर्दी उपलब्ध कराने का काम करता है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पश्चिम बंगाल के चित्तरंजन थाने में पहले से ही आपराधिक मामले दर्ज हैं। थाना प्रभारी प्रदीप राणा के नेतृत्व में पुलिस की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने कुल कितने लोगों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी की है।

साइबर अपराध का केंद्र बना जामताड़ा

जामताड़ा जिला लंबे समय से साइबर ठगों के लिए सुरक्षित ठिकाना माना जाता है। यहां के घने जंगलों में छिपे अपराधी अक्सर पुलिस की नजरों से बचकर लोगों को निशाना बनाते हैं। हाल ही में, बिजली बिल अपडेट करने के नाम पर बैंक खाते खाली करने और फर्जी कैशबैक संदेश भेजकर ठगी करने की कई घटनाएं सामने आई हैं। स्थानीय प्रशासन अब इस तरह के अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए विशेष निगरानी रख रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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