जयपुर की सड़कों पर कचरे का अंबार, सफाई कर्मचारियों की 'झाड़ू डाउन' हड़ताल से व्यवस्था बेहाल राजस्थान 2 महीने पहले 73
राजस्थान की राजधानी जयपुर में सफाई कर्मचारियों के काम बंद करने से शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिससे आम जनता की परेशानियां बढ़ गई हैं।

शहरभर में बिखरी गंदगी

राजस्थान की राजधानी जयपुर इन दिनों गंभीर स्वच्छता संकट का सामना कर रही है। शहर के सफाई कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन झाड़ू डाउन हड़ताल के चलते गली मोहल्लों से लेकर मुख्य बाजारों तक कचरे के ढेर जमा हो गए हैं। संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के बैनर तले किए गए इस विरोध प्रदर्शन के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ चुकी है।

प्रमुख चौराहों पर कचरे के ढेर

हड़ताल का सबसे बुरा असर शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में देखने को मिल रहा है। बड़ी चौपड़ और छोटी चौपड़ जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों के साथ ही कई रिहायशी कॉलोनियों में भी कचरा उठाने की गाड़ियां नहीं पहुंच रही हैं। घरों से निकलने वाला कचरा अब सड़कों पर बिखरने लगा है, जिससे स्वच्छता को लेकर आम निवासियों में भारी नाराजगी है।

कर्मचारियों की 6 सूत्री मांगें

सफाई कर्मचारी अपनी कुल 6 सूत्री मांगों को लेकर अपनी जिद पर कायम हैं। उनकी मुख्य मांगों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • नगर निगम की नई भर्ती प्रक्रिया में वाल्मीकि समाज के लोगों को प्राथमिकता दी जाए।
  • वर्तमान में चल रही आउटसोर्सिंग व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से समाप्त किया जाए।
  • अन्य लंबित प्रशासनिक मांगों का जल्द निस्तारण सुनिश्चित हो।

नगर निगम की चुनौतियां

नगर निगम प्रशासन इस स्थिति को संभालने के लिए संघर्ष कर रहा है। हड़ताल के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से नगर निगम की ओर से कुछ वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि शहर की मुख्य सड़कों से कचरे को हटाया जा सके। हालांकि, कर्मचारियों के काम पर न लौटने के कारण स्थिति अभी भी नियंत्रण से बाहर बनी हुई है। प्रशासन अब प्रदर्शनकारी संगठनों के साथ संवाद के जरिए इस गतिरोध को खत्म करने की कोशिश कर रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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