राजस्थान विधानसभा की 75वीं वर्षगांठ: सियासी दिग्गजों ने भरी हुंकार, लोकतंत्र की गरिमा पर दिया जोर राजस्थान एक महीने पहले 82
राजस्थान विधानसभा के 75 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित समारोह में राज्य के विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों पर मंथन किया गया। इस दौरान उपराष्ट्रपति और पूर्व मुख्यमंत्री ने सदन की मर्यादा को सर्वोपरि बताया।

गौरव यात्रा का भव्य समापन

राजस्थान विधानसभा की यात्रा के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित 'विधायी गौरव यात्रा' का समापन बेहद गरिमामयी ढंग से हुआ। इस कार्यक्रम में राज्य की राजनीति से जुड़े कई दिग्गज चेहरे एक साथ नजर आए। समारोह का मुख्य केंद्र बिंदु राजस्थान का विकास, लोकतांत्रिक मर्यादाएं और सदन की गरिमा को बनाए रखना रहा।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अपील

समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि प्रदेश के विकास में हर सरकार की भूमिका रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर इंसानियत और आपसी सामाजिक रिश्तों को तवज्जो दी जानी चाहिए। उन्होंने अपने कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा:

  • 50 प्रतिशत महिला आरक्षण की पहल।
  • भामाशाह योजना का सफल क्रियान्वयन।
  • फीडर सेपरेशन और जल प्रबंधन के कार्य।
  • प्रदेश में 24 घंटे बिजली की उपलब्धता।

उन्होंने नए विधायकों को नसीहत दी कि वे सदन की परंपराओं का सम्मान करें और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सख्ती से पालन करें।

लोकतंत्र का संदेश

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में राजस्थान को वीरों की धरती करार दिया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि लोकतंत्र, संविधान और जनता की सेवा किसी भी अन्य चीज से ऊपर है। इस कार्यक्रम के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को जनसेवा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प दोहराने का अवसर मिला।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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