राजस्थान में राजनीतिक नियुक्तियों की सुगबुगाहट तेज, बोर्ड और आयोगों में हलचल से नेताओं की उम्मीदें जगीं राजस्थान एक महीने पहले 54
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में अध्यक्ष की नियुक्ति और आरपीएससी में सदस्यों के आने के बाद प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों का दौर शुरू होने की संभावना प्रबल हो गई है।

नियुक्तियों से बदली राजनीतिक फिजा

राजस्थान में भजनलाल सरकार का आधा कार्यकाल पूरा होने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की निगाहें अब राजनीतिक नियुक्तियों पर टिक गई हैं। राज्य सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए फैसलों ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर दी है। लंबे समय से खाली पड़े पदों पर हो रही नियुक्तियों ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि सरकार अब खाली निगमों, बोर्डों और आयोगों में अपने समर्थकों को जिम्मेदारी देने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है।

इन नियुक्तियों से मिली मजबूती

हाल ही में सरकार ने तीन बड़ी नियुक्तियां की हैं, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है:

  • हनुमान सिंह राठौड़ को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
  • राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में भी दो सदस्यों की नियुक्ति की गई है।
  • आरपीएससी के अध्यक्ष पद पर कार्यकाल पूरा होने के बाद कर्नल केसरी सिंह को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इन कदमों को भविष्य की बड़ी नियुक्तियों की शुरुआत माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि सरकार आरपीएससी के अध्यक्ष पद पर जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने के बाद ही कोई अंतिम फैसला लेगी।

लॉबिंग और दिल्ली तक दौड़

राजनीतिक नियुक्तियों के इच्छुक नेताओं में इस समय खासा उत्साह देखा जा रहा है। चूंकि कई बोर्ड और आयोग के अध्यक्ष पदों पर कैबिनेट या राज्यमंत्री का दर्जा मिलता है, इसलिए इन पदों के लिए लॉबिंग तेज हो गई है। नेता अपनी दावेदारी को मजबूती देने के लिए जयपुर से लेकर दिल्ली तक सक्रिय हैं।

कब तक पूरी हो सकती है प्रक्रिया

माना जा रहा है कि सरकार इन नियुक्तियों को चरणों में पूरा करेगी। आगामी पंचायत और निकाय चुनाव से पहले कुछ महत्वपूर्ण पदों को भरा जा सकता है। नियुक्तियों की प्रक्रिया में नितिन नबीन के राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारी संभालने के बाद तेजी आने की चर्चा है। हालांकि राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री और प्रदेश नेतृत्व की सहमति अहम होगी, लेकिन अंतिम मंजूरी दिल्ली से ही मिलने की संभावना है। कार्यकर्ता इसे अपने कद को बढ़ाने और पद पाने के एक बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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