राजस्थान
एक घंटा पहले
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विचारों
राजस्थान कांग्रेस के भीतर की खींचतान एक बार फिर तस्वीरों की जुबानी सामने आ गई। मौका था विपक्ष के नेता राहुल गांधी के कोटा दौरे का, जब उनके स्वागत के लिए प्रदेश के कद्दावर नेता कोटा एयरपोर्ट पहुंचे। स्वागत के दौरान सभी नेता एक ही कतार में, एक साथ खड़े दिखाई दिए, मगर इसके बाद सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों ने एक अलग ही कहानी बयां कर दी।
एयरपोर्ट पर एकजुटता, पोस्ट में बंटवारा
राहुल गांधी का स्वागत पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने किया। मौके पर ली गई तस्वीरों में ये सभी नेता एक साथ नजर आए। लेकिन असली 'खेल' तब दिखा जब इन नेताओं ने अपने-अपने सोशल मीडिया हैंडल से तस्वीरें साझा कीं और पार्टी ने अपने आधिकारिक हैंडल से।
आधिकारिक हैंडल पर सब साथ
कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक हैंडल पर साझा की गई तस्वीर में गहलोत, पायलट, डोटासरा और जूली—चारों राहुल गांधी का स्वागत करते हुए दिखाई दिए। यानी संगठन की ओर से एकजुटता का संदेश दिया गया।
गहलोत की पोस्ट में सिर्फ गहलोत
इसके उलट अशोक गहलोत ने अपने एक्स हैंडल पर सिर्फ अकेले अपनी ही दो तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वे राहुल गांधी का स्वागत करते दिख रहे हैं। प्रदेश के बाकी नेताओं—सचिन पायलट, गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली—की तस्वीरें उन्होंने साथ में साझा नहीं कीं, जबकि सभी एक ही कतार में खड़े थे।
डोटासरा और जूली ने भी दोहराया वही पैटर्न
प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने अपनी और टीकाराम जूली की राहुल गांधी के स्वागत वाली तस्वीरें साझा कीं, लेकिन बगल में मौजूद सचिन पायलट और अशोक गहलोत उनकी पोस्ट से नदारद रहे। ठीक यही रवैया टीकाराम जूली का भी रहा। जूली ने अपने एक्स हैंडल पर खुद की और डोटासरा की फोटो साझा की, जबकि साथ खड़े पायलट और गहलोत तस्वीर से बाहर रहे।
पायलट की पोस्ट में सबको जगह
दूसरी ओर सचिन पायलट की ओर से साझा की गई तस्वीरों में न सिर्फ डोटासरा और जूली राहुल गांधी का स्वागत करते नजर आए, बल्कि एक तस्वीर ऐसी भी थी जिसमें पायलट और गहलोत साथ खड़े मुस्कराते दिखाई दे रहे हैं। पायलट ने पार्टी के अन्य नेताओं की तस्वीरें भी साझा कीं।
तस्वीरों से उठते सवाल
स्वागत की इन तस्वीरों से शुरू हुई 'फोटो पॉलिटिक्स' अब कांग्रेस के भीतर रिश्तों और सियासी समीकरणों पर चर्चा का विषय बन गई है। किसने किसे अपनी पोस्ट में जगह दी और किसे काट दिया—इसी से पार्टी की अंदरूनी केमिस्ट्री का अंदाजा लगाया जा रहा है।
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