राजस्थान
2 घंटे पहले
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राजस्थान चुनाव में धार्मिक मुद्दों की एंट्री
राजस्थान में निकाय चुनावों का बिगुल बजने के साथ ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इस चुनावी माहौल में अब धार्मिक मुद्दों की भी एंट्री हो गई है। हाल ही में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के जयपुर दौरे को लेकर हवामहल विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कड़ा रुख अपनाया है। भाजपा मुख्यालय में मीडिया के साथ चर्चा करते हुए बालमुकुंद आचार्य ने ओवैसी के दौरे के पीछे के उद्देश्यों पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
माहौल खराब करने का लगाया आरोप
भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने ओवैसी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे जयपुर एक विशेष वर्ग को प्रभावित करने और राजनीतिक लाभ उठाने के लिए आए थे। आचार्य ने कहा कि चुनाव के ठीक समय पर इस तरह के दौरे और बयानबाजी का मकसद समाज में तनाव पैदा करना और चुनावी समीकरणों को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश करना है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि ऐसे नेता समाज में बारूद फैलाने का काम कर रहे हैं ताकि शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ा जा सके। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्थान की जागरूक जनता इस तरह की विभाजनकारी राजनीति को बखूबी समझती है और ओवैसी के इन प्रयासों का राज्य के चुनाव पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
विकास बनाम धार्मिक ध्रुवीकरण
विधायक बालमुकुंद आचार्य ने आगे कहा कि ओवैसी जैसे नेताओं का एकमात्र एजेंडा एक विशेष समुदाय को बरगलाकर अपने साथ जोड़ने का रहता है। उन्होंने देश विरोधी ताकतों के साथ सहानुभूति रखने वालों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि ऐसे लोग केवल आग लगाने का कार्य करते हैं। आचार्य का दावा है कि राजस्थान का मतदाता विकास और सामाजिक समरसता की राह पर चलना चाहता है। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य की जनता किसी भी तरह के धार्मिक विवादों के बहकावे में नहीं आएगी और चुनाव के दौरान विकास के मुद्दों पर ही अपना समर्थन देगी।
सहारनपुर मस्जिद विवाद पर दी प्रतिक्रिया
सहारनपुर मस्जिद विवाद पर टिप्पणी करते हुए बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल से जुड़े विवादों का निपटारा सड़क पर या राजनीतिक मंचों से नहीं हो सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों का समाधान संवैधानिक तरीके से किया जाना चाहिए। इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों, साक्ष्यों और संबंधित सरकारी विभागों के रिकॉर्ड की जांच जरूरी है। यदि जरूरत पड़े तो ऐसे मामलों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही हल किया जाना चाहिए। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर विवाद का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी कानूनी प्रक्रिया और अदालत के ऐतिहासिक फैसले के बाद ही मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो सका, इसलिए सभी को कानून का सम्मान करना चाहिए।
हवामहल और नगर निगम चुनाव पर बड़ा दावा
धार्मिक मुद्दों पर अपनी बात रखने के बाद बालमुकुंद आचार्य ने निकाय चुनाव में भाजपा की जीत का दम भरा। उन्होंने अपने क्षेत्र हवामहल विधानसभा के संदर्भ में दावा किया कि वहां के 15 वार्डों में से 11 वार्डों पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा निश्चित है। उन्होंने कहा कि जनता और कार्यकर्ताओं में भाजपा को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही जयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि भाजपा यहाँ 125 से 130 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता पूरी मुस्तैदी के साथ चुनावी मैदान में डटे हैं और जनता का पूरा समर्थन कमल के निशान के साथ है।
चुनावी रस्साकशी का दौर
राजस्थान निकाय चुनाव के इस घमासान में ओवैसी के दौरे और बालमुकुंद आचार्य की प्रतिक्रिया ने चुनावी तापमान को काफी बढ़ा दिया है। एक ओर जहां राजनीतिक दल अपने विकास के दावों के साथ मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं, वहीं धार्मिक और भावनात्मक मुद्दों का इस्तेमाल भी चर्चाओं में बना हुआ है। बालमुकुंद आचार्य के इन बयानों से यह साफ जाहिर होता है कि भाजपा इस चुनाव में किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप को मुद्दा बनाकर उसे जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है। विधायक का दावा है कि राजस्थान की जनता राज्य के विकास के लिए भाजपा को चुनकर प्रदेश में एक बार फिर जीत का परचम लहराएगी।
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