जयपुर का नीरज शर्मा हत्याकांड: चोरी की अनदेखी बनी मौत की वजह? भाई ने पुलिस पर उठाए सवाल, CID-CB जांच की मांग राजस्थान एक महीने पहले 81
जयपुर के चर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड में नया मोड़ आया है, जहां मृतका के भाई ने पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की CID-CB से जांच कराने की मांग की है।

जयपुर में हुए सनसनीखेज नीरज शर्मा हत्याकांड में अब एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ सामने आ गया है। इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए मृतका के भाई राकेश शर्मा ने कई बड़े खुलासे किए हैं। राकेश शर्मा का सीधा आरोप है कि यदि पुलिस ने समय रहते उनकी शिकायत पर कदम उठाए होते, तो आज उनकी बहन जिंदा होती। उन्होंने इस मामले में पुलिस प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस की उच्च स्तरीय शाखा CID-CB से कराने की मांग की है।

चोरी की शिकायत पर पुलिस की सुस्ती और हत्या का कथित कनेक्शन

मृतका के भाई राकेश शर्मा ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए एक बेहद गंभीर पहलू की ओर इशारा किया है। उनका कहना है कि इस हत्याकांड की भूमिका बहुत पहले ही लिखी जा चुकी थी। राकेश शर्मा के अनुसार, 1 मार्च 2026 को नीरज शर्मा ने जयपुर के सांगानेर थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके घर का ताला तोड़ दिया था और उनके मकान पर अवैध कब्जा करने का पुरजोर प्रयास किया गया था।

इतना ही नहीं, इस घटना के दौरान घर के भीतर अलमारी में रखे सोने और चांदी के कीमती आभूषण, भारी मात्रा में नकदी और अन्य जरूरी सामान भी चोरी कर लिए गए थे। परिजनों का आरोप है कि सांगानेर थाना पुलिस ने इस शिकायत को बेहद हल्के में लिया और समय रहते कोई प्रभावी या ठोस कार्रवाई नहीं की। राकेश शर्मा का दावा है कि आरोपियों ने इस चोरी से मिले पैसों का इस्तेमाल बाद में नीरज शर्मा की हत्या की बड़ी साजिश को रचने और उसे अंजाम देने के लिए किया। अगर पुलिस उसी समय मुस्तैदी दिखाती, तो साजिशकर्ताओं के हौसले इतने बुलंद नहीं होते और यह वारदात टल सकती थी।

सड़क हादसा नहीं, साजिश के तहत हुआ था कत्ल

गौरतलब है कि यह मामला 4 जुलाई 2026 का है, जब जयपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ था। इस हादसे में 45 वर्षीय नीरज शर्मा को एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो गाड़ी ने जोरदार टक्कर मार दी थी, जिसके कारण उनकी मौत हो गई थी। शुरुआती दौर में पुलिस और आम लोगों ने इसे महज एक आम सड़क दुर्घटना माना था।

लेकिन जब पुलिस ने मामले की गहराई से तफ्तीश शुरू की, तो परतें खुलती चली गईं और यह एक बेहद खौफनाक और सुनियोजित हत्या का मामला बनकर सामने आया। जांच में पता चला कि नीरज शर्मा की मौत कोई हादसा नहीं थी, बल्कि उनकी जान लेने के लिए पूरी प्लानिंग के तहत स्कॉर्पियो से टक्कर मारी गई थी। इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें नीरज शर्मा की अपनी बेटी आयुषी शर्मा भी शामिल है। हालांकि, इस मामले का एक अन्य मुख्य आरोपी और आयुषी का चचेरा भाई बलराम अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।

सरकारी नौकरी का लालच और एक और रहस्यमयी मौत

पुलिस द्वारा की गई अब तक की पूछताछ और जांच में जो थ्योरी सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। पुलिस के मुताबिक, नीरज शर्मा की बेटी आयुषी शर्मा LLB की पढ़ाई कर रही थी। वह अपनी मां की सरकारी नौकरी को अनुकंपा के आधार पर हासिल करना चाहती थी। इसी सरकारी नौकरी को पाने के लालच में उसने अपनी ही मां को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। इस घिनौने काम को अंजाम देने के लिए हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी।

इस बीच, मृतका के भाई राकेश शर्मा ने एक और बड़ा दावा करते हुए मामले को नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने बताया कि उनकी बहन नीरज शर्मा के पति विजय शर्मा की वर्ष 2025 में हुई मौत भी बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। अब नीरज की हत्या के बाद परिवार का संदेह और गहरा गया है। राकेश शर्मा ने पुरजोर मांग की है कि उनकी बहन नीरज शर्मा की हत्या और उनके जीजा विजय शर्मा की वर्ष 2025 में हुई मौत, इन दोनों ही मामलों की कड़ियां आपस में जुड़ी हो सकती हैं। इसलिए इन दोनों घटनाओं की संयुक्त और निष्पक्ष जांच CID-CB द्वारा की जानी चाहिए ताकि असल सच्चाई सबके सामने आ सके।

एकतरफा कहानी पेश करने का आरोप

पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि पुलिस इस मामले में सिर्फ आयुषी शर्मा को ही मुख्य साजिशकर्ता बताकर पूरी कहानी को एकतरफा रूप देने का प्रयास कर रही है। राकेश शर्मा का मानना है कि इस जघन्य हत्याकांड के पीछे कोई बहुत बड़ा गिरोह या कुछ अन्य प्रभावशाली लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनका पर्दाफाश होना बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि जब तक पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से जांच नहीं कराई जाएगी, तब तक उनकी बहन को न्याय नहीं मिल पाएगा और असली गुनहगार कानून के शिकंजे से बच निकलेंगे।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप