करणी माता दर्शन अब और सुगम, 18.70 करोड़ की लागत से नए रूप में लालगढ़ रेलवे स्टेशन राजस्थान एक घंटा पहले 4
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लालगढ़ रेलवे स्टेशन का करीब 18 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से पुनर्विकास पूरा हुआ है, जिससे देशनोक स्थित करणी माता मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को सीधी रेल सुविधा मिलेगी।

देशनोक स्थित विश्व प्रसिद्ध करणी माता मंदिर में हर वर्ष पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। अब इन भक्तों को बेहतर रेल सुविधा मिलने जा रही है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने बीकानेर मंडल के लालगढ़ रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत लगभग 18 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से नए सिरे से विकसित किया है। इस पुनर्विकास से बीकानेर जंक्शन पर बने रहने वाले यात्रियों के दबाव में कमी आएगी और श्रद्धालु सीधे लालगढ़ स्टेशन पहुंचकर मंदिर तक आसानी से जा सकेंगे।

करणी माता मंदिर की धार्मिक मान्यता

बीकानेर शहर के निकट देशनोक कस्बे में स्थित यह मंदिर अपने विशिष्ट धार्मिक महत्व और यहां मौजूद हजारों चूहों के कारण पूरी दुनिया में विख्यात है। हर साल यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मान्यता है कि मंदिर परिसर में विचरण करने वाले ये चूहे करणी माता के सिपाही माने जाते हैं और श्रद्धालुओं को कोई हानि नहीं पहुंचाते। यहां सफेद चूहे के दर्शन को विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

बीकानेर जंक्शन पर घटेगा यात्रियों का दबाव

मंदिर में वर्षभर श्रद्धालुओं की भारी आवक के कारण बीकानेर जंक्शन पर लगातार यात्रियों का दबाव बना रहता था। रेलवे प्रशासन लंबे समय से इस दबाव को कम करने और भक्तों को बेहतर सुविधाएं देने के प्रयास में जुटा था। इसी क्रम में उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) ने बीकानेर मंडल के अधीन आने वाले लालगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य पूरा किया है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हुआ कायाकल्प

लालगढ़ रेलवे स्टेशन का यह पुनर्विकास केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत किया गया है। स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने पर लगभग 18 करोड़ 70 लाख रुपये की राशि खर्च की गई है। पुनर्विकास के बाद स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है और यात्रियों को कहीं अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

श्रद्धालुओं को मिलेगा सीधा फायदा

रेलवे अधिकारियों के अनुसार अब करणी माता मंदिर आने वाले भक्त सीधे लालगढ़ रेलवे स्टेशन तक पहुंच सकेंगे। इससे उन्हें बीकानेर जंक्शन पर उतरकर वहां से अतिरिक्त सफर करने की आवश्यकता कम हो जाएगी। लालगढ़ स्टेशन से देशनोक स्थित मंदिर तक पहुंचना तुलनात्मक रूप से अधिक सुविधाजनक रहेगा।

क्षेत्रीय पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

रेलवे की इस पहल से न सिर्फ श्रद्धालुओं को सहूलियत मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी और आधुनिक स्टेशन सुविधाओं के चलते देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और भक्तों की संख्या में वृद्धि की संभावना है। उत्तर पश्चिम रेलवे की यह पहल बीकानेर क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव भी प्रदान करेगी।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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