जयपुर में आरटीओ का छापा: बस बॉडी मेकर्स की मनमानी का पर्दाफाश, अवैध मॉडिफिकेशन और टैक्स चोरी पकड़ी गई राजस्थान एक महीने पहले 22
जयपुर में आरटीओ प्रथम की टीम ने एक बस बॉडी निर्माण कारखाने में बिना ट्रेड लाइसेंस चल रहे अवैध काम को पकड़ा. जांच में क्षमता से अधिक सीटें लगाने और टैक्स बचाने के लिए मध्यप्रदेश में पंजीयन कराने का खुलासा हुआ.

राजस्थान की राजधानी जयपुर में परिवहन विभाग की सख्ती के बीच भी बस बॉडी मेकर्स द्वारा नियमों की अनदेखी का मामला उजागर हुआ है. विभाग की लगातार चेतावनियों के बावजूद बसों में नियम-विरुद्ध बदलाव किए जा रहे थे, जिनका भंडाफोड़ अब आरटीओ की कार्रवाई में हुआ है.

क्षमता से अधिक सीटें और सुरक्षा मानकों की अनदेखी

सामने आए मामले में बसों में तय क्षमता से अधिक सीटें जोड़ी जा रही थीं और सुरक्षा के तय मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर बदलाव किए जा रहे थे. इस तरह के अवैध मॉडिफिकेशन से यात्रियों की सुरक्षा पर सीधा खतरा पैदा हो रहा था.

कारखाने पर छापेमारी में पकड़ा गया अवैध काम

आरटीओ प्रथम की टीम ने एक बस बॉडी निर्माण कारखाने पर छापेमारी की. इस दौरान पाया गया कि कारखाने में बिना ट्रेड लाइसेंस के ही अवैध रूप से काम चल रहा था. टीम ने मौके पर पूरी कार्रवाई की और संबंधित दस्तावेजों की जांच की.

दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

कार्रवाई के बाद बॉडी बिल्डर मुबिन और वाहन स्वामी अभिमन्यु के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. दोनों पर नियमों का उल्लंघन कर अवैध काम करने का आरोप है.

टैक्स बचाने के लिए दूसरे राज्य में पंजीयन

जांच में यह भी सामने आया कि टैक्स बचाने के मकसद से इन बसों का पंजीयन मध्यप्रदेश में कराया जा रहा था, जबकि इनका वास्तविक संचालन राजस्थान में हो रहा था. इस तरीके से सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा था.

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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