राजस्थान
एक घंटा पहले
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राजस्थान की राजधानी जयपुर में परिवहन विभाग की सख्ती के बीच भी बस बॉडी मेकर्स द्वारा नियमों की अनदेखी का मामला उजागर हुआ है. विभाग की लगातार चेतावनियों के बावजूद बसों में नियम-विरुद्ध बदलाव किए जा रहे थे, जिनका भंडाफोड़ अब आरटीओ की कार्रवाई में हुआ है.
क्षमता से अधिक सीटें और सुरक्षा मानकों की अनदेखी
सामने आए मामले में बसों में तय क्षमता से अधिक सीटें जोड़ी जा रही थीं और सुरक्षा के तय मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर बदलाव किए जा रहे थे. इस तरह के अवैध मॉडिफिकेशन से यात्रियों की सुरक्षा पर सीधा खतरा पैदा हो रहा था.
कारखाने पर छापेमारी में पकड़ा गया अवैध काम
आरटीओ प्रथम की टीम ने एक बस बॉडी निर्माण कारखाने पर छापेमारी की. इस दौरान पाया गया कि कारखाने में बिना ट्रेड लाइसेंस के ही अवैध रूप से काम चल रहा था. टीम ने मौके पर पूरी कार्रवाई की और संबंधित दस्तावेजों की जांच की.
दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
कार्रवाई के बाद बॉडी बिल्डर मुबिन और वाहन स्वामी अभिमन्यु के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. दोनों पर नियमों का उल्लंघन कर अवैध काम करने का आरोप है.
टैक्स बचाने के लिए दूसरे राज्य में पंजीयन
जांच में यह भी सामने आया कि टैक्स बचाने के मकसद से इन बसों का पंजीयन मध्यप्रदेश में कराया जा रहा था, जबकि इनका वास्तविक संचालन राजस्थान में हो रहा था. इस तरीके से सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा था.
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