आखिर क्यों हैदराबाद को कहा जाता है दुनिया की वैक्सीन राजधानी? राजस्थान 2 महीने पहले 78
आईटी और फार्मा सेक्टर में अपनी धाक जमाने वाला हैदराबाद अब वैश्विक स्वास्थ्य सेवा में भी सबसे आगे है, जहां दुनिया की हर तीसरी वैक्सीन का निर्माण होता है।

वैश्विक स्वास्थ्य में हैदराबाद का दबदबा

हैदराबाद की पहचान केवल सूचना तकनीक यानी आईटी और फार्मा उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर अब वैश्विक स्वास्थ्य जगत का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय मंचों और स्वास्थ्य आंकड़ों के मुताबिक हैदराबाद को दुनिया की वैक्सीन राजधानी यानी वैक्सीन कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड के नाम से जाना जाता है। इसकी मुख्य वजह यह है कि पूरी दुनिया में उपयोग में लाई जाने वाली कुल वैक्सीनों में से लगभग 33 प्रतिशत का उत्पादन केवल हैदराबाद में ही होता है।

प्रमुख कंपनियां और योगदान

हैदराबाद में स्थित प्रमुख दवा निर्माता कंपनियां जैसे भारत बायोटेक, बायोलॉजिकल ई, शांता बायोटेक्निक्स और इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स का इसमें बड़ा योगदान है। ये संस्थान प्रतिवर्ष अरबों की संख्या में वैक्सीन डोज तैयार कर उन्हें विश्व के कई देशों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।

जीनोम वैली की भूमिका

इस बड़ी सफलता के पीछे हैदराबाद की जीनोम वैली का अहम हाथ है, जिसे देश का पहला संगठित बायोटेक क्लस्टर माना जाता है। अत्याधुनिक रिसर्च लैब और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर की बदौलत यहां वैज्ञानिकों को एक मजबूत आधार मिला है। यही कारण है कि आज हैदराबाद वैक्सीन अनुसंधान और उत्पादन के क्षेत्र में पूरी दुनिया का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है और वैश्विक स्वास्थ्य मानचित्र पर अपनी स्थिति को लगातार मजबूत कर रहा है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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