मध्य प्रदेश में मानसून का कहर, जबलपुर और सिवनी समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 2
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के चलते भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आज, 16 अगस्त 2026 को पूरे प्रदेश के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए नदी-नालों के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी है।

मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता और अलर्ट

मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां इन दिनों चरम पर हैं। राज्य के अधिकतर जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश जनजीवन को प्रभावित कर रही है। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारी बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं का चलना और आकाशीय बिजली का गिरना भी खतरे का कारण बना हुआ है। आज, 16 अगस्त 2026, रविवार को भी प्रदेश के मौसम में बड़े बदलाव की उम्मीद है। भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश भर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और निवासियों को सचेत रहने के निर्देश दिए हैं।

इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आज राज्य के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों में मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहने की उम्मीद है। मुख्य रूप से जबलपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट और मंडला के आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। कुछ चुनिंदा स्थानों पर तो स्थिति अति भारी बारिश में भी बदल सकती है। मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लगातार वर्षा के चलते निचले इलाकों में पानी भर सकता है और स्थानीय नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

भोपाल और अन्य संभागों का हाल

राजधानी भोपाल के साथ-साथ सागर, नर्मदापुरम, शहडोल और रीवा संभाग के कई हिस्सों में आज बादल छाए रहने का अनुमान है। इन संभागों के अंतर्गत आने वाले कई क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहेगा। दिन के दौरान हालांकि कुछ समय के लिए मौसम साफ हो सकता है और धूप भी निकल सकती है, लेकिन इसके बाद बादलों के फिर से घिरने और बारिश होने की पूरी संभावना है। इसलिए निवासियों को बदलते मौसम के मिजाज को देखते हुए अपनी योजनाएं बनानी चाहिए।

पश्चिमी मध्य प्रदेश में मध्यम बारिश की संभावना

राज्य के मध्य-पश्चिमी हिस्सों की बात करें, तो धार और उज्जैन के आसपास के जिलों में भारी वर्षा का असर थोड़ा कम महसूस हो सकता है। यहां के निवासियों को हल्की से मध्यम स्तर की बारिश या फिर गरज-चमक के साथ बौछारों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, प्रदेश के सुदूर पश्चिमी जिलों जैसे आलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ और मंदसौर में भी छिटपुट बारिश या बौछारों की संभावना है। इन क्षेत्रों में पूरे जिले में एक साथ बारिश होने के बजाय स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव आने और कहीं-कहीं हल्की वर्षा होने की उम्मीद अधिक है।

बारिश की मात्रा और प्रशासन की अपील

मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों और अनुमान के अनुसार, आज प्रदेश के कुछ विशिष्ट जिलों में बारिश की मात्रा 64.5 मिमी से लेकर 115.5 मिमी तक दर्ज की जा सकती है। प्रशासन ने नदी-नालों और जल भराव वाले क्षेत्रों के करीब रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहने और जलस्तर की निगरानी करने की सलाह दी गई है।

तेज हवा और वज्रपात का जोखिम

भारी वर्षा के अलावा, आज राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। आंधी और तूफान की स्थिति में पेड़ों के उखड़ने या बिजली के खंभों के गिरने का जोखिम रहता है। मौसम विशेषज्ञों ने जनता को सलाह दी है कि यदि बहुत आवश्यक न हो, तो खराब मौसम के दौरान बाहर निकलने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। यह सावधानी विशेष रूप से उन लोगों के लिए जरूरी है जो खुले इलाकों में या कच्चे मकानों में निवास करते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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