जबलपुर: कृषि औजार से फटा सिर, खून बहता रहा; पुलिस ने 3 घंटे लॉकअप में रखा, इलाज के अभाव में युवक की मौत मध्य प्रदेश एक महीने पहले 17
जबलपुर के बेलखेड़ा थाने में गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल भेजने के बजाय करीब 3 घंटे लॉकअप में बंद रखा गया, समय पर इलाज न मिलने से 30 वर्षीय उमेश की मौत हो गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर दिया।

जबलपुर जिले के बेलखेड़ा थाने से पुलिस की कथित बेरुखी और अमानवीयता का एक झकझोर देने वाला मामला उजागर हुआ है। यहां एक गंभीर रूप से घायल युवक को वक्त रहते इलाज दिलाने की जगह पुलिस उसे लॉकअप में बंद कर बैठी रही। नतीजतन समय पर उपचार न मिल पाने के कारण 30 वर्षीय युवक ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया।

गांव के विवाद में जानलेवा हमला

यह पूरा वाकया बेलखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरिया कलां का है। यहां के रहने वाले उमेश उर्फ इंदर का सोमवार शाम गांव के ही कुछ लोगों से झगड़ा हो गया था। विवाद इस कदर बढ़ गया कि आरोपियों ने उमेश पर कृषि उपकरण 'राइजर' से प्राणघातक हमला कर दिया। इस हमले में उमेश का सिर फट गया और वह बुरी तरह लहूलुहान हो गया।

थाने में संवेदनहीनता की हद

हमले के तुरंत बाद परिजन खून से लथपथ उमेश को लेकर बेलखेड़ा थाने पहुंचे और पुलिस से मदद तथा न्याय की गुहार लगाई। आरोप है कि पुलिस का रवैया बेहद असंवेदनशील रहा। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने घायल उमेश और उसके साथ आए परिजनों को ही करीब 3 घंटे तक लॉकअप में बंद कर दिया।

लॉकअप के भीतर का दर्दनाक मंजर

परिजनों के मुताबिक उमेश लगभग 3 घंटे तक लॉकअप में रहा। सिर पर गहरी चोट होने के कारण वह लगातार खून की उल्टियां करता रहा और लॉकअप का फर्श खून से भर गया। हालात इतने पीड़ादायक थे कि उमेश की भाभी अपनी साड़ी से फर्श पर फैली उल्टियां और खून साफ करती रहीं। इसके बावजूद, परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों का दिल नहीं पसीजा।

राजनीतिक संरक्षण का आरोप

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावर थाने के बाहर आराम से बैठे रहे। बताया जा रहा है कि आरोपियों को स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण हासिल है और इसी दबाव के चलते पुलिस ने घायल की मदद करने के बजाय उसे ही प्रताड़ित किया।

मौत के बाद भड़का ग्रामीणों का आक्रोश

जब उमेश की हालत बेहद बिगड़ गई, तब उसे अस्पताल पहुंचाया गया। बुधवार सुबह इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही पिपरिया कलां के ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और सैकड़ों लोगों ने बेलखेड़ा थाने का घेराव कर दिया। परिजनों ने उमेश का शव थाने के सामने रखकर धरना दिया तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया।

जांच के आदेश

इस मामले में एसडीपीओ एस डाबर ने बताया कि एसपी के आदेश पर जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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