मध्य प्रदेश में मानसून का रौद्र रूप: 14 जिलों में अचानक बाढ़ का अलर्ट, पूरे राज्य में येलो अलर्ट जारी मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 2
मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के 14 जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है, जबकि पूरे राज्य के लिए येलो अलर्ट लागू है।

मध्य प्रदेश में मौसम का ताजा मिजाज

मध्य प्रदेश में मानसून की मेहरबानी अब चिंता का सबब बनती जा रही है। जुलाई के महीने में हुई दमदार बारिश ने राज्य में पानी की कमी को काफी हद तक पूरा कर दिया है, लेकिन लगातार हो रही बरसात ने अब कई जिलों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य की मौजूदा स्थिति को देखते हुए पूरे मध्य प्रदेश के लिए 1 अगस्त 2026 को येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सक्रिय मानसूनी सिस्टम के असर से आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

जुलाई की बारिश और बारिश का कोटा

जुलाई के पूरे महीने में रुक-रुक कर हुई बारिश ने मध्य प्रदेश के जल स्रोतों को रिचार्ज कर दिया है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई के अंत तक राज्य में कुल बारिश का कोटा लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि, स्थिति का दूसरा पहलू यह भी है कि जून के महीने में हुई सामान्य से कम बारिश के कारण अब भी राज्य के 55 में से 42 जिलों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों से सक्रिय मानसून की वजह से प्रदेश की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या देखने को मिली है।

14 जिलों पर फ्लैश फ्लड का बड़ा खतरा

केंद्रीय हाइड्रोलॉजिकल विभाग और मौसम केंद्र ने संयुक्त रूप से राज्य के 14 जिलों के लिए अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड की कड़ी चेतावनी दी है। इन संवेदनशील जिलों में आगर-मालवा, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, देवास, धार, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, रतलाम और शाजापुर शामिल हैं। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं क्योंकि यहां के निचले इलाकों में तेजी से पानी भरने की आशंका है। इसके अलावा, कई स्थानों पर पुल और पुलियों के ऊपर से पानी बहने की संभावना बनी हुई है, जो आवागमन के लिए खतरनाक हो सकता है।

प्रशासन की हिदायतें और बचाव

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों पर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर 23 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। 31 जुलाई 2026 को रात 11:30 बजे तक यह सिस्टम मध्य प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से के साथ-साथ राजस्थान और गुजरात की सीमा के पास केंद्रित था। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि तेज बारिश के दौरान नदी, नालों और रपटे वाले रास्तों को पार करने का जोखिम न उठाएं।

अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान

1 अगस्त 2026 के लिए जारी येलो अलर्ट के तहत ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, सतना, सीधी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, सागर, दमोह, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, बिजली गिरने की घटनाओं के प्रति सतर्क रहें और जलभराव वाले इलाकों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। आपदा प्रबंधन की टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रख रही हैं ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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