मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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मध्य प्रदेश में मौसम की ताजा स्थिति
मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन के बाद से ही बारिश का दौर जारी है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में हो रही झमाझम बारिश से जहां एक ओर किसानों और आम लोगों को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर नदी और नालों में जलस्तर बढ़ने और आकाशीय बिजली की घटनाओं ने चिंता भी बढ़ा दी है। मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के अनुसार, वर्तमान में राज्य के ऊपर कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। हवाओं के चक्रवाती घेरे बनने की वजह से वातावरण में भारी नमी मौजूद है, जिसके चलते पूरे प्रदेश में बारिश और आंधी का माहौल बना हुआ है।
आज 22 जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने आज, 13 जुलाई 2026, दिन सोमवार के लिए प्रदेश के 22 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है और हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। जिन जिलों के लिए यह चेतावनी जारी की गई है, उनमें आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, मैहर, सतना, रीवा और मऊगंज शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है, जबकि शेष जिलों में मौसम सामान्य रहने के आसार हैं।
आम नागरिकों के लिए सुरक्षा सुझाव
खराब मौसम और बिजली गिरने के बढ़ते खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनता के लिए कुछ सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं:
- गर्ज-चमक की स्थिति में घर से बाहर न निकलें। यदि आप बाहर हैं, तो किसी भी पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे शरण लेने की गलती न करें।
- आकाशीय बिजली के खतरे को टालने के लिए घर में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकालकर रखें।
- तूफान के दौरान खेतों और खुले मैदानों में काम करने से बचें। निर्माण स्थलों, बिजली के तारों और पेड़ों के पास खड़े होने से खतरा हो सकता है।
- वाहन चलाते समय गति को नियंत्रित रखें और सावधानी से गाड़ी चलाएं।
- कंक्रीट के फर्श पर लेटने या कंक्रीट की दीवारों के सहारे बैठने से बचें, क्योंकि बिजली गिरने की स्थिति में यह जोखिम भरा हो सकता है।
पशुपालकों के लिए विशेष निर्देश
मानसून के दौरान पशुओं की सुरक्षा भी एक बड़ी चुनौती है, जिसे लेकर प्रशासन ने पशुपालकों को निम्न सलाह दी है:
- अपने पशुओं को कभी भी खुले मैदानों, तालाबों, नदियों या अन्य जल स्रोतों के पास न छोड़ें।
- रात के समय सभी पशुओं को सुरक्षित और पक्के शेड के भीतर रखें।
- पशुओं के लिए पीने के साफ पानी और छाया की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
- तूफान या आकाशीय बिजली के दौरान पशुओं को कभी भी किसी पेड़ के नीचे न बांधें, क्योंकि यह उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय-समय पर मौसम के अपडेट देखते रहें और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। प्रशासन द्वारा जारी की गई इन गाइडलाइन्स का पालन करके संभावित जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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