देश के 18 राज्यों में फिर बिगड़ेगा मौसम, भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी भारत एक महीने पहले 72
भारतीय मौसम विभाग ने उत्तर और पूर्वी भारत के 18 राज्यों के लिए अगले चार दिनों का भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पहाड़ों में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते हालात गंभीर बने हुए हैं।

देश भर में फिर सक्रिय हुआ मॉनसून

देश के मैदानी इलाकों में पिछले कुछ समय से थमा हुआ मॉनसून एक बार फिर से जोर पकड़ने की तैयारी में है। मौसम विभाग के ताजा अनुमानों के मुताबिक, सोमवार से देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो सकता है। विभाग ने कुल 18 राज्यों के लिए बारिश, आंधी और तेज तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया है। अगले चार दिनों तक उत्तर और पूर्वी भारत के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा और मूसलाधार वर्षा होने की पूरी संभावना जताई गई है।

किन राज्यों पर मंडरा रहा है खतरा?

मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, आगामी चार दिनों के दौरान निम्नलिखित राज्यों में भारी बारिश का असर देखने को मिलेगा:

  • पहाड़ी राज्य: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड।
  • मैदानी और अन्य क्षेत्र: पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली और पूर्वी उत्तर प्रदेश।
  • पूर्वी और मध्य भारत: छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा।
  • पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

पहाड़ी क्षेत्रों में स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। कहीं-कहीं बादल फटने की घटनाएं सामने आ रही हैं, तो कहीं भूस्खलन के कारण पहाड़ दरक रहे हैं। बड़े-बड़े पत्थरों के गिरने से मार्ग बाधित हैं। आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित है और सड़कें, मकान व दुकानें जलमग्न हो गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हिमाचल प्रदेश के 6 जिलों के लिए विशेष रूप से रेड अलर्ट घोषित किया गया है।

मैदानों से क्यों गायब हुआ मॉनसून?

मौसम विभाग की अखिल भारतीय मौसम रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में मॉनसून के बादलों के व्यवहार में आए बदलाव के पीछे पाकिस्तान की ओर से आ रही शुष्क हवाएं जिम्मेदार हैं। ये सूखी हवाएं अरब सागर से होते हुए मध्य और दक्षिण भारत के हिस्सों तक पहुंच गई हैं। इसी वजह से दिल्ली और एनसीआर सहित बड़े मैदानी इलाकों से मॉनसून के बादल पहाड़ों की ओर विस्थापित हो गए हैं, जिससे वहां बारिश का कहर जारी है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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