पीलीभीत में जालसाजी का अनोखा मामला: एक ही व्यक्ति ने अलग-अलग जन्मतिथि से बनवाए तीन पासपोर्ट, ऐसे हुआ भंडाफोड़ उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 69
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में पुलिस सत्यापन के दौरान तीन अलग-अलग पासपोर्ट रखने वाले एक युवक का खुलासा हुआ है। आरोपी ने पहचान छिपाकर अलग-अलग जन्मतिथि के आधार पर ये पासपोर्ट हासिल किए थे।

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर सुरक्षा और प्रशासनिक एजेंसियां भी हैरान हैं। यहां एक व्यक्ति ने अपनी पहचान छुपाकर और फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक या दो नहीं, बल्कि तीन-तीन पासपोर्ट बनवा लिए। दिलचस्प बात यह है कि इन तीनों ही पासपोर्ट में आरोपी की जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज थी। इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश तब हुआ जब आरोपी ने विदेश यात्रा के लिए जरूरी एक प्रक्रिया के तहत पुलिस सत्यापन के लिए आवेदन किया और पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान उसकी यह चालाकी पकड़ी गई।

पुलिस वेरिफिकेशन ने खोला फर्जीवाड़े का राज

पीलीभीत जिले के घुंघचाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जमुनिया जगत गांव का रहने वाला सिमर प्रीत इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सिमर प्रीत ने हाल ही में पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट यानी PCC हासिल करने के लिए आवेदन किया था। जब इस आवेदन की फाइल जांच के लिए बरेली स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पहुंची, तो वहां के सतर्क अधिकारियों को दस्तावेजों पर कुछ शक हुआ। अधिकारियों ने जब आवेदक के इतिहास और पुराने डेटाबेस की बारीकी से पड़ताल की, तो उनके होश उड़ गए। जांच में साफ हुआ कि सिमर प्रीत नाम के इसी व्यक्ति ने अलग-अलग व्यक्तिगत जानकारियों और अलग-अलग जन्मतिथि का इस्तेमाल करके पहले भी दो अन्य पासपोर्ट बनवा रखे थे।

तीनों पासपोर्ट में जन्मतिथि का बड़ा खेल

पासपोर्ट कार्यालय की गहन जांच में सामने आया कि आरोपी ने अलग-अलग वर्षों में अपनी उम्र को दस्तावेजों में बदला और नए पासपोर्ट हासिल किए। इन तीनों पासपोर्ट का ब्योरा इस प्रकार है:

  • पहला पासपोर्ट: यह पासपोर्ट साल 2016 में बरेली के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से जारी किया गया था। इस दस्तावेज में आरोपी सिमर प्रीत की जन्मतिथि 10 मार्च 1999 अंकित की गई थी।
  • दूसरा पासपोर्ट: इसके बाद साल 2023 में आरोपी ने लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय का रुख किया और वहां से दूसरा पासपोर्ट हासिल किया। इसमें उसकी जन्मतिथि को बदलकर 29 मई 2001 दर्ज किया गया था।
  • तीसरा पासपोर्ट: यह पासपोर्ट 15 दिसंबर 2023 को जारी किया गया था। महज कुछ ही महीनों के भीतर जारी हुए इस तीसरे पासपोर्ट में उसकी जन्मतिथि को एक बार फिर बदलकर 19 नवंबर 2002 कर दिया गया था।

पुलिस ने दर्ज की FIR, शुरू हुई जांच

एक ही नागरिक के पास अलग-अलग विवरणों वाले तीन सक्रिय पासपोर्ट मिलने की इस गंभीर गड़बड़ी को देखते हुए पासपोर्ट विभाग तुरंत एक्शन में आ गया। सीनियर सुप्रीटेंडेंट ऑफ पासपोर्ट ने इस फर्जीवाड़े की लिखित जानकारी पीलीभीत के SP को भेजी और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने की सिफारिश की। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से शिकायत मिलने के बाद पीलीभीत की घुंघचाई थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बीते शनिवार को आरोपी सिमर प्रीत के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।

इस मामले पर बात करते हुए CO विधि भूषण मौर्य ने बताया:

मामले की गहराई से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की टीमें इस पहलू पर भी काम कर रही हैं कि विभिन्न पहचानों और विवरणों पर ये तीन पासपोर्ट कैसे और किन परिस्थितियों में जारी हो गए, और इस पूरी प्रक्रिया में पासपोर्ट विभाग के किन-किन सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया गया है।

क्या कहता है भारतीय पासपोर्ट कानून?

भारत में एक से अधिक पासपोर्ट रखना कानूनन एक गंभीर और दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत देश के किसी भी नागरिक को एक समय पर केवल एक ही वैध पासपोर्ट रखने की अनुमति है। यदि कोई व्यक्ति अपनी वास्तविक पहचान को छिपाकर या जानबूझकर गलत दस्तावेज प्रस्तुत करके एक से अधिक पासपोर्ट हासिल करता है, तो इसे कानून की धारा 12 के तहत एक गंभीर धोखाधड़ी माना जाता है।

नियमों के मुताबिक, यदि किसी नागरिक का पुराना पासपोर्ट खो जाता है, फट जाता है या उसकी समय सीमा समाप्त हो जाती है, तो उसे नया पासपोर्ट जारी करवाने के लिए पुराने पासपोर्ट की पूरी जानकारी देना अनिवार्य होता है। इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति अपनी जन्मतिथि या अन्य व्यक्तिगत विवरणों में सुधार कराना चाहता है, तो उसे कानूनी रूप से स्वीकृत दस्तावेजों के साथ अपना पुराना पासपोर्ट सरेंडर करना होता है और फिर से आवेदन करना होता है। इन नियमों का उल्लंघन करके चोरी-छिपे कई पासपोर्ट बनवाने पर आरोपी को 2 साल तक की जेल की सजा, जुर्माना या फिर दोनों भुगतने पड़ सकते हैं, साथ ही उसके सभी पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते हैं।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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