4 सितंबर की रात इसरो का बाहुबली रॉकेट भरेगा उड़ान, जानिए कब और कैसे देखें लाइव भारत एक घंटा पहले 6
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो अपने अत्याधुनिक ईओएस-05 सैटेलाइट को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसे श्रीहरिकोटा से 4 सितंबर की रात 2 बजकर 55 मिनट पर भेजा जाएगा।

अंतरिक्ष में भारत की एक और बड़ी उड़ान

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो एक बार फिर इतिहास रचने की तैयारी में है। भारत अपना अत्याधुनिक अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट ईओएस-05 अंतरिक्ष में भेजने जा रहा है। इस मिशन की लॉन्चिंग 4 सितंबर को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से की जाएगी। रात के सन्नाटे को चीरते हुए जब भारत का यह बाहुबली रॉकेट आसमान की ओर जाएगा, तो नज़ारा देखने लायक होगा। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इस महत्वपूर्ण लॉन्चिंग की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जीएसएलवी-एफ17 मिशन के तहत यह सैटेलाइट सुबह 02:55 बजे अपनी यात्रा शुरू करेगा।

क्या है ईओएस-05 सैटेलाइट की खासियत

ईओएस-05 जिसे वैज्ञानिक जगत में जीआईएसएटी-1ए के नाम से भी पहचाना जाता है, एक बेहद उन्नत किस्म का अर्थ ऑब्जर्वेशन स्पेसक्राफ्ट है। इसे जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में तैनात किया जाने वाला भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट माना जा रहा है। इस भारी-भरकम सैटेलाइट का वजन लगभग 2367 किलोग्राम है। यह मिशन जीएसएलवी रॉकेट की 19वीं उड़ान होगी, जिसे लेकर भारतीय वैज्ञानिकों में काफी उत्साह है। यह सैटेलाइट भारतीय उपमहाद्वीप की रियल-टाइम और उच्च-रिजॉल्यूशन वाली तस्वीरें भेजने में सक्षम होगा, जो भविष्य के कई अंतरिक्ष अभियानों के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा और कृषि के लिए क्यों है अहम

यह मिशन केवल वैज्ञानिक उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके व्यावहारिक लाभ भी बहुत अधिक हैं। ईओएस-05 से मिलने वाला डेटा मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है:

  • प्राकृतिक आपदा प्रबंधन: किसी भी प्राकृतिक आपदा की सटीक निगरानी करने और समय रहते अलर्ट जारी करने में यह सैटेलाइट बेहद सहायक सिद्ध होगा।
  • कृषि क्षेत्र: फसल की निगरानी और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए सटीक जानकारी उपलब्ध कराने में यह डेटा बहुत प्रभावी होगा।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा: देश की सीमाओं और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों की निरंतर निगरानी के लिए यह सैटेलाइट एक मजबूत कड़ी का काम करेगा।

आम जनता के लिए लॉन्चिंग देखने का मौका

इसरो ने आम लोगों के लिए इस ऐतिहासिक क्षण को अपनी आंखों से देखने की विशेष व्यवस्था की है। जो भी नागरिक इस लॉन्चिंग को लाइव देखना चाहते हैं, वे सतीश धवन स्पेस सेंटर की लॉन्च व्यू गैलरी में जा सकते हैं। हालांकि, इसके लिए इच्छुक दर्शकों को पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। यदि आप भी इसरो की इस ऐतिहासिक सफलता का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो समय रहते आधिकारिक माध्यमों से पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करें और रात के समय आसमान में जगमगाते इस रॉकेट को लाइव देखने का अनुभव प्राप्त करें।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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