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2 घंटे पहले
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इजरायल की सेना ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के तकरीबन 150 ठिकानों को निशाना बनाते हुए जोरदार हमले किए हैं। मध्यस्थता की कोशिशों की खबरों के बावजूद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपनी सैन्य कार्रवाई रोकते नजर नहीं आ रहे। अमेरिकी मध्यस्थता में हुई बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच सशर्त युद्धविराम पर सहमति बनने के कुछ ही दिनों बाद हुए इन हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें लेबनानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं।
ब्रिगेडियर जनरल, कैप्टन और एक सैनिक की मौत
लेबनान की सेना के मुताबिक खारदाली-नबातीह मार्ग पर एक सैन्य वाहन को निशाना बनाकर किए गए इजरायली हमले में एक ब्रिगेडियर जनरल, एक कैप्टन और एक सैनिक मारे गए। दूसरी ओर, इजरायली सेना ने दावा किया कि शनिवार को हुई यह कार्रवाई एक 'सक्रिय युद्ध क्षेत्र' में अंजाम दी गई थी।
क्या बोली लेबनानी सेना
लेबनानी सेना ने आरोप लगाया कि सोच-समझकर और बार-बार की जा रही यह क्रूर इजरायली आक्रामकता किसी भी समाधान तक पहुंचने की हर कोशिश को नाकाम करने के मकसद से की जा रही है।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताई कड़ी नाराजगी
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने हमले की निंदा करते हुए इसे लेबनानी संप्रभुता तथा अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानदंडों का खुला उल्लंघन करार दिया है। इसके साथ ही लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने भी इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।
मृतकों के प्रति प्रधानमंत्री ने जताया शोक
एक बयान में प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने ब्रिगेडियर जनरल वस्साम सबरा, कैप्टन एली खौरी और सैनिक हुसैन गोजल के परिवारों एवं उनके सहयोगियों के साथ-साथ पूरी लेबनानी सेना के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
पूर्वी बेका घाटी में भी हो चुका है हमला
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों इजरायली वायुसेना ने लेबनान में पूर्वी बेका घाटी समेत हिजबुल्लाह से जुड़े कई ठिकानों पर हमले किए थे। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनानी चरमपंथी समूहों पर हमलों को और तेज करने का संकल्प जताया था। नेतन्याहू की यह चेतावनी ऐसे समय आई थी जब हिजबुल्लाह ने हाल के हफ्तों में दक्षिणी लेबनान और उत्तरी इजरायल में इजरायली सेना पर 'फाइबर ऑप्टिक ड्रोन' से हमले किए थे।
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