अभिषेक बनर्जी पर कसता शिकंजा: क्या तय है गिरफ्तारी, बंगाल में मचे बवाल का क्या होगा अंजाम? पश्चिम बंगाल 2 घंटे पहले 2
ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर बंगाल पुलिस ने ताला तोड़कर तलाशी ली और उनके करीबी पीए सुमित रॉय की तलाश तेज कर दी है। वहीं सीआईडी ने उन्हें फर्जी साइन और हेट स्पीच मामलों में पूछताछ के लिए तलब किया है।

तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर इन दिनों सीआईडी के एक के बाद एक नोटिस पहुंच रहे हैं। हालत यह हो गई कि बंगाल पुलिस को उनके घर का ताला तोड़कर अंदर दाखिल होना पड़ा और घंटों तलाशी लेनी पड़ी। पुलिस पिछले तीन दिनों से अभिषेक के सबसे करीबी राजदार की तलाश में जुटी है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर उस शख्स के पास अभिषेक के ऐसे कौन से राज छिपे हैं, जिनकी वजह से भाइपो इतने परेशान दिख रहे हैं। यही नहीं, ममता बनर्जी सुबह 4 बजे आनन-फानन में अभिषेक के घर क्यों पहुंचीं, यह भी चर्चा का विषय है।

ताला तोड़कर घर में दाखिल हुई पुलिस

बंगाल पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के घर पर दबिश दी। दरवाजे का ताला तोड़कर भीतर घुसने के बाद करीब 5 घंटे तक घर की जांच की गई। बताया जा रहा है कि पुलिस को अभिषेक के बेहद खास और निजी सचिव (पीए) सुमित रॉय की तलाश थी। सुमित रॉय पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव के दौरान टिकट दिलाने के नाम पर पैसे वसूले।

सूत्रों के अनुसार, सुमित रॉय के मोबाइल की टावर लोकेशन बीती रात कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के घर के आसपास मिली थी। इसी जानकारी के आधार पर शालबनी पुलिस और कोलकाता पुलिस सुबह करीब 4 बजे अभिषेक के कालीघाट वाले आवास पर पहुंच गई। बार-बार आवाज देने पर भी दरवाजा नहीं खुला, तो पुलिस ने मेन गेट का ताला तोड़ दिया और अंदर जाकर पूरे घर की तलाशी ली। आखिरकार सुमित रॉय वहां नहीं मिले और पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। खबर यह भी है कि इस छापेमारी के बाद ममता बनर्जी खुद अभिषेक के घर पहुंचीं और उनसे काफी देर तक बातचीत की।

आखिर किस बात की है अभिषेक को टेंशन

सुमित रॉय को अभिषेक का दाहिना हाथ माना जाता है। कहा जाता है कि अभिषेक से मिलने वाले हर व्यक्ति को पहले सुमित रॉय से होकर गुजरना पड़ता था और उनकी मर्जी के बिना कोई अभिषेक तक नहीं पहुंच पाता था। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। अभिषेक पर कानूनी शिकंजा कसने लगा है और उनके पीए की तलाश में पुलिस जुटी है।

दरअसल, टीएमसी के पूर्व विधायक सुजॉय हाजरा को हाल ही में पश्चिम मेदिनीपुर की शालबनी पुलिस ने जमीन से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया था। पूछताछ और जांच में पुलिस को पता चला कि सुजॉय हाजरा ने सुमित रॉय को बड़ी रकम भेजी थी। इसी सुराग के आधार पर पुलिस बीते 3-4 दिनों से सुमित रॉय को खोज रही है। माना जा रहा है कि पीए के पास ऐसे कई राज हैं, जिनके सामने आने पर भाइपो की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। यही वजह है कि अभिषेक भारी तनाव में बताए जा रहे हैं।

सीआईडी के नोटिसों का सिलसिला

अभिषेक बनर्जी पर सीआईडी की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है। फर्जी हस्ताक्षर के मामले के बाद अब उनसे भड़काऊ बयानबाजी को लेकर भी पूछताछ होगी। सीआईडी ने उन्हें चुनाव के दौरान दिए गए कथित हेट स्पीच मामले में नोटिस भेजा है। डीजे वाले बयान को लेकर पूछताछ के लिए सीआईडी ने अभिषेक को 16 जून को भवानी भवन बुलाया है। गुरुवार शाम उनके कालीघाट स्थित घर पर यह नोटिस पहुंचाया गया। वहीं 14 जून को उनसे फर्जी साइन वाले मामले में सवाल-जवाब होंगे। इस कार्रवाई से अभिषेक नाराज हैं और कह रहे हैं कि अगर उनका डीजे वाला बयान भड़काऊ है, तो बीजेपी नेताओं के बयानों पर एफआईआर क्यों नहीं हुई।

लगातार समन से भड़के अभिषेक

अभिषेक को नया समन उस हेट स्पीच मामले में मिला है, जो उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान दिया था। इस मामले में चुनाव आयोग के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई थी और सीआईडी ने 16 जून को भवानी भवन में पूछताछ के लिए बुलाया है। एक के बाद एक नोटिस मिलने से अभिषेक का गुस्सा फूट पड़ा।

उन्होंने कहा, "जिस मामले में ये मुझे नोटिस देने पहुंचे हैं, उसमें मैंने कहा था कि 4 तारीख के बाद डीजे बजेगा। मेरा सवाल है कि अगर मैंने सचमुच कुछ गलत कहा था, तो यह बयान मैंने कब दिया? चुनाव के दौरान। उस वक्त कानून-व्यवस्था किसके हाथ में थी? चुनाव आयोग के हाथ में, ममता बनर्जी के हाथ में नहीं। तो तब मेरे खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं हुई? आयोग में शिकायत होने पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? अगर मैंने डीजे बजाने की बात कही थी, तो देश के गृहमंत्री ने भी कहा था कि तृणमूल के लोगों को उल्टा लटकाकर सीधा कर देंगे। हर क्रिया की समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। आप ही बताइए, ज्ञानेश कुमार को अगर मेरे खिलाफ एक्शन लेना पड़ता, तो उन्हें अमित शाह के खिलाफ भी कार्रवाई करनी पड़ती।"

क्या तय है अभिषेक का जेल जाना

इसी बीच टीएमसी से निलंबित नेता रिजु दत्ता ने अभिषेक बनर्जी को लेकर बड़ा बयान दे दिया है। रिजु दत्ता का कहना है कि अब अभिषेक को जेल जाने से कोई नहीं बचा सकता और उनके पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने दावा किया कि अभिषेक का नाम गौ तस्करी से लेकर कोयला तस्करी तक के मामलों में जुड़ा है, ऐसे में उनका जेल जाना तय है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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