ईरान के अरबों डॉलर हड़पने की तैयारी में डोनाल्ड ट्रंप? भड़के विदेश मंत्री अरागची ने दी बड़ी चेतावनी विश्व एक महीने पहले 39
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरानी संपत्तियों को जब्त करने की योजना पर तेहरान ने कड़ी आपत्ति जताई है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए अराजकता फैलने की चेतावनी दी है।

पश्चिम एशिया के अशांत समुद्री रास्तों पर वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर जारी तनातनी के बीच, अब अमेरिका और ईरान के बीच एक नया वित्तीय और कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान की संपत्तियों को लेकर किए गए एक हालिया दावे पर ईरान भड़क गया है और उसने बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने डोनाल्ड ट्रंप की उस रणनीति की सार्वजनिक रूप से कड़ी आलोचना की है, जिसके तहत वाशिंगटन अपने नियंत्रण में मौजूद ईरानी फंड का उपयोग लाल सागर और अन्य रणनीतिक जलमार्गों में क्षतिग्रस्त होने वाले जहाजों और उनके माल की भरपाई के लिए करना चाहता है। ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिकी प्रशासन के इस संभावित कदम को एक बेहद खतरनाक और उकसावे वाली मिसाल करार दिया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए सैयद अब्बास अरागची ने साफ कहा कि किसी भी संप्रभु देश की राष्ट्रीय संपत्ति को किसी अन्य असंबंधित मामलों के भविष्य के दावों के भुगतान के लिए जब्त कर लेना अंतरराष्ट्रीय कानून का मखौल उड़ाने जैसा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी कार्रवाइयों को बढ़ावा दिया गया, तो इससे वैश्विक वित्तीय प्रणाली की स्थिरता पूरी तरह से खत्म हो जाएगी और दुनिया में अराजकता फैल जाएगी।

वैश्विक संपत्ति सुरक्षा पर अरागची ने उठाए सवाल

ईरानी विदेश मंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि ऐसे अनुचित कदमों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बहुत ही खतरनाक और असुरक्षित मिसाल कायम होगी। अरागची ने लिखा कि जो लोग दूसरे देशों की जब्त की गई संपत्तियों या पैसों का फायदा उठाने की ताक में रहते हैं, उन्हें यह अच्छी तरह याद रखना चाहिए कि जब सरकारें इस तरह से संपत्तियां हड़पने को सामान्य बना देती हैं, तो फिर दुनिया में किसी की भी संपत्ति सुरक्षित नहीं रह जाती। उन्होंने आगे आगाह किया कि इसके बाद जो अराजकता और वित्तीय असुरक्षा पैदा होगी, वह किसी के लिए भी अच्छी नहीं होगी और न ही इससे दुनिया में शांति स्थापित की जा सकेगी।

सैयद अब्बास अरागची का यह तीखा बयान डोनाल्ड ट्रंप के उस सोशल मीडिया पोस्ट के तुरंत बाद आया है, जिसमें उन्होंने अपने खुद के मंच 'ट्रुथ सोशल' पर एक बड़ा दावा किया था। ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा था कि भविष्य में जहाजों, माल या अन्य समुद्री संपत्तियों को होने वाले किसी भी नुकसान का भुगतान अमेरिका के कब्जे में मौजूद और उसके नियंत्रण वाली ईरानी धनराशि से किया जाएगा।

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान: ईरान के पैसे से होगी भरपाई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में स्पष्ट तौर पर कहा था कि अब से जहाजों, उन पर लदे माल या उनसे संबंधित किसी भी तरह के नुकसान का पूरा भुगतान केवल अमेरिका के पास मौजूद ईरानी पैसे से ही किया जाएगा। ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाने वाली यह राशि बहुत बड़ी हो सकती है, लेकिन इसके बावजूद यह कदम पूरी तरह से न्यायपूर्ण और तर्कसंगत होगा। ट्रंप का यह आक्रामक बयान हाल ही में लाल सागर में दो सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हुए हवाई हमलों के बाद आया है।

उल्लेखनीय है कि यमन के हूती विद्रोहियों ने इन सऊदी टैंकरों पर हुए हमलों की जिम्मेदारी ली थी। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी कासिम सरी ने टेलीग्राम पर जारी एक बयान में दावा किया था कि उनके लड़ाकों ने लाल सागर में 'एन्सेलिया' और 'लैला' नाम के दो सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाया था और उन पर सटीक हमले किए थे।

सऊदी जहाजों पर हमले से बढ़ा तनाव

सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी 'सऊदी प्रेस एजेंसी' ने देश के परिवहन सामान्य प्राधिकरण के हवाले से इस बात की पुष्टि की थी कि सऊदी अरब के स्वामित्व वाला तेल टैंकर एन्सेलिया जब लाल सागर में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजर रहा था, उसी दौरान वह हमले की चपेट में आ गया। इस हमले के बाद जहाज के अगले हिस्से में भीषण आग लग गई थी।

दूसरी तरफ, अमेरिका और उसके सहयोगी देश लगातार ईरान पर यह आरोप लगाते रहे हैं कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को अवैध रूप से निशाना बनाता है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का उल्लंघन करता है। इसी के मद्देनजर डोनाल्ड ट्रंप ने एक अन्य चेतावनी भरा संदेश जारी करते हुए कहा कि यदि हूती विद्रोही भविष्य में वाणिज्यिक जहाजों पर ऐसे हमले जारी रखते हैं, तो अमेरिका इसके लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराएगा और आवश्यक कदम उठाएगा।

कितनी है अमेरिका के पास ईरान की कुल संपत्ति?

इस पूरे विवाद के बीच यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर अमेरिका और दुनिया के अन्य हिस्सों में ईरान की कितनी संपत्ति जब्त पड़ी है। जानकारी के मुताबिक, इस साल जून के महीने में अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक महत्वपूर्ण समझौते के दौरान तेहरान की प्रमुख मांग यही थी कि उसकी फ्रीज की गई संपत्तियों पर से सभी प्रतिबंध हटाए जाएं। हालांकि, बाद में कूटनीतिक असहमतियों के कारण यह समझौता टूट गया था।

ईरान की इन संपत्तियों की सटीक राशि का कोई स्पष्ट आंकड़ा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, क्योंकि ये संपत्तियां दुनिया भर के अलग-अलग देशों के बैंकों और विभिन्न वित्तीय प्रणालियों में फंसी हुई हैं। हालांकि, अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों और स्वतंत्र विशेषज्ञों के अनुमानों के अनुसार, इन जमी हुई संपत्तियों की कुल कीमत लगभग 124 अरब डॉलर से लेकर 167 अरब डॉलर के बीच आंकी गई है। इतनी बड़ी राशि को ट्रंप द्वारा जहाजों के नुकसान की भरपाई के लिए इस्तेमाल करने की घोषणा ने अब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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