LIC के एन्यूटी प्रोडक्ट्स में बढ़ रहा रुझान, कंपनी ने नियामकों के सामने रखे अहम सुझाव व्यापार एक घंटा पहले 2
एलआईसी के एन्यूटी उत्पादों में निवेश लगातार बढ़ने के बीच कंपनी को अपनी दीर्घकालिक देनदारियों के अनुरूप लंबी अवधि के निवेश विकल्पों की जरूरत है। इसी सिलसिले में कंपनी ने IRDAI, आरबीआई और सेबी जैसे प्रमुख नियामकों के समक्ष अपने सुझाव रखे हैं।

देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के एन्यूटी उत्पादों में निवेश की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। कंपनी का कहना है कि बढ़ते कारोबार के साथ उसे अपनी लंबी अवधि की देनदारियों से मेल खाने वाले और भी अधिक दीर्घकालिक निवेश विकल्पों की आवश्यकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए एलआईसी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) तथा बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) समेत प्रमुख नियामकों के साथ बातचीत कर रही है।

एन्यूटी प्रोडक्ट्स आखिर हैं क्या

एन्यूटी उत्पाद बीमा कंपनियों द्वारा पेश की जाने वाली ऐसी रिटायरमेंट योजनाएं होती हैं, जिनमें जमा की गई रकम को नियमित और गारंटीशुदा आय में बदल दिया जाता है। एलआईसी के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक आर. दुरईस्वामी ने पीटीआई से बातचीत में बताया कि ये उत्पाद रिटायरमेंट के लिए जुटाई गई पूंजी को एक गारंटी में तब्दील कर देते हैं, जिससे लंबे समय तक आय मिलती रहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कोई व्यक्ति इसमें एकमुश्त राशि लगाता है, तो एलआईसी उसे जीवन भर पेंशन के रूप में भुगतान करती है।

नियामकों के सामने रखे गए सुझाव

दुरईस्वामी के अनुसार, एलआईसी ने अपनी आवश्यकताओं से जुड़े सुझाव बीमा नियामक IRDAI के साथ-साथ आरबीआई और सेबी जैसे नियामकों के समक्ष भी प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि IRDAI भी बाजार की बदलती मांगों को देखते हुए सक्रिय रूप से कदम उठा रहा है। उन्होंने बताया कि बीमा कंपनियां दीर्घकालिक कोष जुटाती हैं, जिनका उपयोग बुनियादी ढांचे के विकास और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं के वित्तपोषण में होता है। उनके मुताबिक, नियामकीय ढांचा भी अब इन्हीं जरूरतों के अनुसार आकार ले रहा है, जिसका फायदा हर पक्ष को मिलेगा।

व्यापक है एलआईसी का एन्यूटी कारोबार

सीईओ ने बताया कि एलआईसी का एन्यूटी कारोबार बेहद बड़ा है और इसकी देनदारियां 30, 40 से लेकर 50 साल तक की अवधि में फैली हुई हैं। यही वजह है कि कंपनी की निवेश रणनीति भी इसी दीर्घकालिक सोच को ध्यान में रखकर तैयार की जाती है। नए कारोबार के मूल्य (VNB) मार्जिन से जुड़े सवाल पर दुरईस्वामी ने कहा कि कंपनी वीएनबी मार्जिन के साथ-साथ ग्रॉस वीएनबी और अन्य सभी प्रमुख प्रदर्शन मानकों में लगातार सुधार बनाए रखने की कोशिश कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एलआईसी ऐसे उत्पाद पेश करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो ग्राहकों को बेहतर मूल्य दें और उनकी जरूरतों के अनुकूल हों।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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