इंदौर में मैकेनिकल इंजीनियर बना हाईटेक चोर, ऑनलाइन ट्रेडिंग के कर्ज ने बदली किस्मत मध्य प्रदेश एक महीने पहले 49
इंदौर पुलिस ने एक ऐसे हाईटेक चोर को गिरफ्तार किया है जो पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर है। आरोपी कर्ज चुकाने के लिए ChatGPT का उपयोग करके फर्जी बिल बनाता था और महंगे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बेचता था।

मैकेनिकल इंजीनियर बना शातिर अपराधी

मध्य प्रदेश में चोरी की बढ़ती वारदातों के बीच इंदौर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने एक ऐसे शातिर चोर को गिरफ्तार किया है जिसकी शैक्षणिक योग्यता सुनकर हर कोई हैरान है। यह आरोपी कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि एक मैकेनिकल इंजीनियर है। 32 वर्षीय प्रतीक ताराचंद लिखार नाम का यह युवक नोएडा में आयकर विभाग में टैक्स असिस्टेंट की भूमिका भी निभा चुका है। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी आर्थिक नुकसान होने के बाद वह कर्ज के जाल में फंस गया था। अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए उसने इंजीनियरिंग की डिग्री को दरकिनार कर अपराध का रास्ता चुन लिया।

चोरी के लिए अपनाई हाईटेक तरकीब

आरोपी की कार्यशैली किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। वह मुख्य रूप से इंदौर के हॉस्टलों और पीजी (PG) को अपना निशाना बनाता था। प्रतीक ने शहर के कई इलाकों जैसे राऊ, राजेंद्र नगर, बॉम्बे हॉस्पिटल, चोइथराम, भंवरकुआ, गीताभवन और पलासिया में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया। वह बड़ी चालाकी से लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल और महंगी घड़ियां पार कर देता था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि चोरी के सामान को खपाने के लिए वह ChatGPT की मदद लेता था। वह फ्लिपकार्ट और लोटस जैसे प्लेटफॉर्म के फर्जी बिल बनाता था, ताकि खरीदारों को यह सामान पूरी तरह असली लगे। इसके बाद वह इन गैजेट्स को यशवंत प्लाजा, डॉलर मार्केट और सिल्वर मॉल जैसे स्थानों पर बेच देता था। गौरतलब है कि इंदौर में पहले भी ChatGPT के गलत इस्तेमाल का मामला सामने आ चुका है, जिसमें एक छात्र ने फर्जी नीट-यूजी प्रश्नपत्र तैयार किए थे।

पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी

इंदौर पुलिस को लंबे समय से इन चोरियों की शिकायतें मिल रही थीं। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की। 20 जुलाई को बड़वानी प्लाजा के पास पुलिस ने आरोपी को संदिग्ध हालत में पकड़ा। शुरुआत में उसने खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर पुलिस को डराने की नाकाम कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने उसके बैग की तलाशी ली, तो उसमें हाइड्रोलिक कटर, पेचकस और चोरी के काम आने वाले अन्य औजार बरामद हुए। कड़ाई से पूछताछ करने के बाद उसने अपने अपराध स्वीकार कर लिए।

लाखों का सामान बरामद

पुलिस की छापेमारी में आरोपी के पास से बरामदगी का आंकड़ा काफी बड़ा है। पुलिस ने उसके कब्जे से 21 लैपटॉप, 4 टैबलेट, 4 मोबाइल फोन और 2 घड़ियां जब्त की हैं। बरामद किए गए इन सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 13 लाख रुपये बताई जा रही है। पलासिया थाना पुलिस अब आरोपी से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने अब तक कुल कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और चोरी का सामान खरीदने वाले अन्य लोग कौन थे। इस मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराध की दुनिया में तकनीक का गलत इस्तेमाल किसी भी हद तक बढ़ सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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