मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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पुलिस विभाग की छवि पर लगा दाग
मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद चौंकाने वाला और पुलिस विभाग को शर्मिंदा करने वाला मामला सामने आया है। यहां चंदन नगर थाने में तैनात एक हेड कांस्टेबल को एक महिला के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि गिरफ्तारी के बाद इस आरोपी हेड कांस्टेबल को उसी थाने के लॉकअप में रात बितानी पड़ी, जहां वह खुद तैनात था। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
सीएम हेल्पलाइन की जांच बनी शोषण का जरिया
यह पूरा मामला एक सरकारी शिकायत के जरिए शुरू हुआ। इंदौर के चंदन नगर इलाके में रहने वाली 43 वर्षीय एक महिला ने अपनी निजी समस्या के समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत की जांच और उसके निराकरण की जिम्मेदारी हेड कांस्टेबल अंचल तिवारी को सौंपी गई थी। आरोप है कि जांच अधिकारी की भूमिका का फायदा उठाते हुए अंचल तिवारी ने महिला के साथ नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दीं। वह बार-बार महिला को थाने बुलाता रहा, ताकि अपनी मंशा को अंजाम दे सके।
अश्लील वीडियो बनाकर शुरू किया ब्लैकमेल
पीड़ित महिला का आरोप है कि जांच के बहाने मेल-जोल के दौरान आरोपी अंचल तिवारी ने उसके कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए थे। इन वीडियो को हथियार बनाकर आरोपी महिला को लगातार ब्लैकमेल करने लगा। आरोपी ने महिला के परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी थी, जिससे महिला बुरी तरह डर गई थी। इन धमकियों का सहारा लेकर हेड कांस्टेबल उसे अलग-अलग जगहों पर मिलने के लिए मजबूर करता रहा और लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा।
पुलिस कमिश्नर के पास पहुंची पीड़िता
लगातार हो रहे शोषण, मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर पीड़िता ने अंततः हिम्मत जुटाई। उसने सीधे पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह से मुलाकात की और उन्हें अपनी आपबीती सुनाई। पुलिस कमिश्नर ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे बेहद गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के आदेश दिए। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई शुरुआती जांच में हेड कांस्टेबल पर लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
गिरफ्तारी के बाद अपनी ही हवालात में काटी रात
जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चंदन नगर थाने में ही आरोपी हेड कांस्टेबल अंचल तिवारी के खिलाफ दुष्कर्म और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को उसी थाने की हवालात में बंद किया गया जहाँ वह अपनी सेवाएँ दे रहा था। शनिवार की पूरी रात उसने उसी हवालात में बिताई। अगले दिन पुलिस ने उसे स्थानीय न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
विभाग ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
इस पूरी घटना ने इंदौर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की पुष्टि करते हुए एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी प्रधान आरक्षक के खिलाफ कड़ी धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस विभाग का कहना है कि वे मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं और आरोपी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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