पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर चला भारत का बुलडोजर, कूटनीतिक मोर्चे पर दिया करारा जवाब भारत 2 घंटे पहले 2
नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर किए गए अवैध अतिक्रमणों को भारत ने हटा दिया है। यह कार्रवाई इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास के बाहर सुरक्षा ढांचे हटाए जाने के जवाब में एक सधे हुए कदम के तौर पर देखी जा रही है।

पाकिस्तान उच्चायोग के खिलाफ सख्त कार्रवाई

भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव एक बार फिर गहराता हुआ नजर आ रहा है। भारत ने कूटनीतिक मोर्चे पर पाकिस्तान को उसकी ही भाषा में कड़ा जवाब दिया है। हालिया घटनाक्रम में नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर किए गए सभी तरह के अवैध अतिक्रमणों और सुरक्षा घेरों को पूरी तरह से हटा दिया गया है। विशेष रूप से पाकिस्तानी दूतावास के वीजा अनुभाग के आसपास बने उन अनधिकृत ढांचों को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया, जो निर्धारित सीमा से बाहर थे। अधिकारियों द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद से दोनों देशों के राजनयिक परिसरों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था के समीकरण बदल गए हैं, जिसे कूटनीतिक गलियारों में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

भारत के बुलडोजर एक्शन के पीछे की वजह

नई दिल्ली द्वारा की गई इस कार्रवाई को सीधे तौर पर 'टिट फॉर टैट' यानी ईंट का जवाब पत्थर से देने वाली नीति के रूप में देखा जा रहा है। यह कदम पाकिस्तान की ओर से की गई उस हरकत के ठीक 3 दिन बाद उठाया गया है, जब इस्लामाबाद में पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारतीय उच्चायोग के बाहर लगे सुरक्षा ढांचों को मनमाने ढंग से हटा दिया था। वहां पार्किंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले खंभों को भी पाकिस्तानी प्रशासन ने हटा दिया था। इस उकसावे के जवाब में भारत ने दिल्ली में मौजूद पाकिस्तानी मिशन के वीजा सेक्शन के पास बने अवैध निर्माणों को हटाकर अपना सख्त रुख स्पष्ट कर दिया है। राजनयिक सूत्रों का कहना है कि यह एक सोची-समझी और संतुलित जवाबी कार्रवाई है, जो यह संदेश देती है कि भारत पाकिस्तान की किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

अमेरिकी राजदूत के बयान से तिलमिलाया पाकिस्तान

इस पूरे घटनाक्रम के बीच जम्मू-कश्मीर का दौरा करने वाले भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का बयान चर्चा का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का एक अभिन्न और महत्वपूर्ण हिस्सा करार दिया है, जिससे पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। इस बयान से खिसियाए पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में मौजूद अमेरिका के कार्यवाहक राजदूत को तलब कर आधिकारिक विरोध दर्ज कराया है। एक तरफ सीमा पार कूटनीतिक असहजता और दूसरी तरफ नई दिल्ली में राजनयिक परिसरों के बाहर हुई यह कार्रवाई वर्तमान समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष चर्चा का विषय बनी हुई है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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