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एक घंटा पहले
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वर्ल्ड रोइंग कप में भारत के नाम पहली बार स्वर्ण
स्विट्जरलैंड के ल्यूसर्न में आयोजित 2026 वर्ल्ड रोइंग कप III के दौरान भारतीय रोइंग दल ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारतीय सेना के दो जांबाज जवान लक्ष्य और उज्जवल कुमार सिंह ने लाइटवेट पुरुष डबल स्कल्स इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही वे वर्ल्ड रोइंग कप सीरीज में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय जोड़ी बन गए हैं। लक्ष्य और उज्जवल ने अपनी रेस को पूरा करने के लिए 6 मिनट 26.09 सेकेंड का समय लिया। इस दौरान उन्हें हांगकांग और नीदरलैंड्स की बेहद अनुभवी जोड़ियों से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, लेकिन अंत में भारतीय जोड़ी ने बाजी मार ली।
मुकाबले का रोमांच और अंतिम परिणाम
फाइनल रेस बेहद रोमांचक रही। लक्ष्य और उज्जवल कुमार सिंह ने जहां 6:26.09 के समय में रेस पूरी की, वहीं दूसरे स्थान पर रहने वाली हांगकांग की जोड़ी सैन तुंग लाम और टिक लुन चान ने 6:27.14 का समय दर्ज किया। नीदरलैंड्स के एरिक वैन ईजक वैन हेस्लिंगा और फ्रेडरिक प्लोएग की जोड़ी ने 6:27.36 के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। गौरतलब है कि लक्ष्य और उज्जवल दोनों ही भारतीय सेना में कार्यरत हैं। ल्यूसर्न में मौजूद भारतीय दल में कुल 18 एथलीट शामिल थे, जिनमें से 17 भारतीय सेना और 1 एथलीट भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व कर रहा था। यह प्रतियोगिता ल्यूसर्न की प्रसिद्ध रोटसी झील में संपन्न हुई। इस स्थान को दुनिया के सबसे बेहतरीन रोइंग स्थलों में गिना जाता है, क्योंकि यहां ओलंपिक मानकों के अनुरूप 2000 मीटर लंबा और छह लेन वाला कोर्स बना हुआ है।
भारत के लिए रोइंग का सफर
वर्ल्ड रोइंग कप में भारत का स्वर्ण पदक जीतने का सपना इस जीत के साथ साकार हुआ है। इससे पहले भारत ने इस सीरीज में केवल तीन कांस्य पदक ही अपने नाम किए थे। रोइंग में भारत को पहला पदक साल 2009 में महिला वर्ग में मिला था। इसके बाद साल 2019 और 2022 में पैरा युगल श्रेणी में भारत ने दो और कांस्य पदक जीते थे। ल्यूसर्न में 26 से 28 जून तक आयोजित हुए इस वर्ल्ड रोइंग कप III में दुनिया भर के 42 देशों से आए 650 से अधिक एथलीटों ने अपना दमखम दिखाया। यह टूर्नामेंट इस साल के अंत में होने वाली वर्ल्ड रोइंग चैंपियनशिप की तैयारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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