राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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फिलीपींस में भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को नई दिशा
फिलीपींस के सेबू शहर में भारत और अमेरिका ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया है। भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी वॉर सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लिया। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच चल रहे 10 वर्षीय रक्षा सहयोग ढांचे की प्रगति का आकलन करना और इसे भविष्य के लिए और अधिक प्रभावी बनाना था।
एडीएमएम-प्लस सम्मेलन के दौरान हुई चर्चा
राजनाथ सिंह और पीट हेगसेथ वर्तमान में सेबू में आयोजित हो रहे एडीएमएम-प्लस यानी आसियान डिफेंस मिनिस्टर्स मीटिंग प्लस में भाग ले रहे हैं। यह मंच दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन आसियान के 11 सदस्य देशों और उनके आठ संवाद भागीदारों, जिनमें भारत, चीन, अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं, का एक महत्वपूर्ण समूह है। 28 अक्टूबर को इस सम्मेलन से इतर हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत-अमेरिका के सामरिक हितों पर विस्तार से बातचीत की गई।
रणनीतिक साझेदारी और रक्षा उत्पादन पर जोर
बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने विचार साझा करते हुए इसे एक शानदार संवाद बताया। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने 10 साल के भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग ढांचे के तहत अब तक हुई उपलब्धियों की गहन समीक्षा की है। चर्चा के दौरान मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है:
- सैन्य तकनीक में आपसी सहयोग को बढ़ाना।
- खुफिया और रक्षा सूचनाओं का आदान-प्रदान करना।
- रक्षा उपकरणों का संयुक्त उत्पादन सुनिश्चित करना।
राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और अमेरिका की यह मजबूत साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र को एक खुला, सुरक्षित और स्वतंत्र क्षेत्र बनाए रखने के लिए बुनियादी आधार प्रदान करती है। दोनों देशों के बीच यह तालमेल भविष्य में क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।
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