सोने की बढ़ती कीमतों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रॉकेट जैसी रफ्तार, जानें क्यों दुनिया देख रही है भारत की ओर राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 5
वैश्विक तनाव और मंदी की आशंकाओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन शानदार रहा है। फॉरेक्स रिजर्व में भारी उछाल और मजबूत औद्योगिक आंकड़ों ने भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत शक्ति के रूप में स्थापित किया है।

दुनिया भर में जारी संकट के बीच भारत की उड़ान

मौजूदा समय में पूरी दुनिया युद्ध और गहरे आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है। अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का सीधा असर कीमती धातुओं पर दिख रहा है, जहां सोने और चांदी की कीमतें लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। हालांकि, इन चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था एक अलग ही मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है।

फॉरेक्स रिजर्व में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

भारतीय रिजर्व बैंक की सूझबूझ भरी नीतियों के चलते देश के विदेशी मुद्रा भंडार में अभूतपूर्व उछाल देखने को मिला है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, महज 11 हफ्तों के भीतर भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 73 अरब डॉलर की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह वृद्धि इतनी बड़ी है कि यह पाकिस्तान के पूरे विदेशी मुद्रा भंडार की तुलना में तीन गुना अधिक है, जो भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत का प्रमाण है।

रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं भारतीय आंकड़े

विदेशी मुद्रा भंडार के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी भारत का प्रदर्शन जबरदस्त रहा है। देश में ऑटोमोबाइल सेक्टर की बिक्री के साथ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वहीं, डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में UPI के आंकड़ों ने पिछले सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। वैश्विक मंदी के इस कठिन माहौल में, भारत अपनी ठोस नीतियों और घरेलू मांग के दम पर दुनिया के लिए एक उम्मीद की किरण बना हुआ है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप