PoK पर भारत की दो टूक के बाद 40 घंटे तक खामोश रहा पाकिस्तान, फिर दिया उलझा हुआ जवाब राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 1
पीओके में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और पुलिस की कार्रवाई पर भारत के तीखे रुख के बाद पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय करीब 40 घंटे तक चुप रहा। जब प्रतिक्रिया आई तो भारत ने उसे डर और आंतरिक भ्रम की उपज बताया।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके में भड़के विरोध और हिंसा ने इस्लामाबाद की बेचैनी बढ़ा दी है। भारत ने जब वहां मानवाधिकारों के हनन और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई पर सवाल उठाए, तो पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय (MOFA) करीब 40 घंटे तक कोई जवाब नहीं दे सका। आमतौर पर कुछ ही घंटों में पलटवार करने वाला इस्लामाबाद इस बार पूरी तरह असहज नजर आया।

भारतीय अधिकारियों के अनुसार, कश्मीर से जुड़े मामलों में पाकिस्तान सामान्यतः 3 से 4 घंटे के भीतर प्रतिक्रिया दे देता है, इसलिए इतनी लंबी देरी बेहद असामान्य रही। भारत के कड़े रुख ने इस्लामाबाद को पूरी तरह असमंजस में डाल दिया। अधिकारियों का मानना है कि यह लंबी चुप्पी पाकिस्तान के भीतर के आंतरिक मतभेद और तालमेल की कमी को उजागर करती है। आखिरकार जब जवाब आया, तो भारत ने उसे पुरानी आदतों वाला और सच्चाई से भागने वाला बयान करार दिया।

जवाब देने में 40 घंटे क्यों लगे

भारतीय सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस देरी की सबसे बड़ी वजह पाकिस्तान का डर था। तेजी से प्रतिक्रिया देने वाला पाकिस्तान इस बार भारत के सटीक और तथ्यात्मक आरोपों का कोई जवाब नहीं ढूंढ पाया। भारत ने स्पष्ट कहा कि पीओके में जो हो रहा है, वह पूरी दुनिया के सामने है और वहां की जनता अपनी ही सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरी हुई है।

अधिकारियों के मुताबिक इन प्रदर्शनों का पाकिस्तान के पास कोई ठोस जवाब नहीं था, इसलिए उसने 40 घंटे का वक्त सिर्फ यह तय करने में लगा दिया कि भारत के आरोपों को किस तरह खारिज किया जाए। यह चुप्पी इस बात का संकेत है कि वहां की सरकार के पास जमीनी हालात से निपटने का कोई रास्ता नहीं बचा है।

पीओके में पुलिस कार्रवाई पर भारत का रुख

भारत के विदेश मंत्रालय ने पहले ही पीओके में प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की थी। रावलकोट समेत कई इलाकों में सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं और लाठीचार्ज किया। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह पाकिस्तान की इस क्रूरता का संज्ञान ले और उसकी जवाबदेही तय करे।

भारत का कहना है कि उसका रुख पूरी तरह वहां की जमीनी सच्चाई पर आधारित है। प्रदर्शनों के दौरान भारी संख्या में लोग घायल हुए हैं और कई लोगों की मौत की खबरें भी सामने आई हैं। भारत ने सवाल किया कि पाकिस्तान अपनी जनता की शिकायतें सुनने के बजाय भारत पर आरोप क्यों मढ़ रहा है।

पाकिस्तान के जवाब को भारत ने क्यों नकारा

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत के दावों को खारिज करते हुए इसे अपना आंतरिक मामला बताया और एक बार फिर कश्मीर का राग छेड़ा, जिसे भारत ने एक सुनियोजित कोशिश करार दिया। भारतीय सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान का जवाब महज ध्यान भटकाने वाला है।

भारत ने दो टूक कहा कि पाकिस्तान को यह बताना चाहिए कि पीओके के लोग अपने ही प्रशासन के खिलाफ विद्रोह क्यों कर रहे हैं। भारत ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी सूरत में पीओके के लोगों पर हो रहे जुल्म को नजरअंदाज नहीं करेगा। भारत के लिए पाकिस्तान की 40 घंटे की यह खामोशी उसके जवाब की सामग्री से कहीं ज्यादा अहम है, क्योंकि यह देरी उसी कमजोरी को दुनिया के सामने ले आती है जिससे वह हमेशा बचने की कोशिश करता रहा है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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