यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर जहाज पर भीषण हमला, चार भारतीय नाविकों की दर्दनाक मौत भारत एक महीने पहले 54
यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से निकलते समय एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों की जान चली गई है, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। भारत सरकार ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कड़े शब्दों में निंदा की है।

हमले में भारतीयों की दुखद मृत्यु

यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना होने के दौरान एक कमर्शियल मालवाहक जहाज, एमवी गोल्डन लियो (MV Golden Leo), पर अचानक हुए घातक हमले ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। विदेश मंत्रालय द्वारा सोमवार को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में चार भारतीय नाविकों की जान चली गई है। वहीं, एक अन्य भारतीय नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसका उपचार अस्पताल में किया जा रहा है। यह हमला 19 जुलाई 2026 की शाम को तब हुआ जब यह जहाज अपनी समुद्री यात्रा शुरू करने के लिए बंदरगाह से बाहर निकल रहा था। भारत सरकार ने इस घटना पर गहरा दुख प्रकट करते हुए इसे अत्यंत निंदनीय करार दिया है।

जहाज पर कुल 17 लोग थे सवार

विदेश मंत्रालय के विवरण के मुताबिक, जिस समय एमवी गोल्डन लियो पर हमला हुआ, उस समय जहाज पर चालक दल के कुल 17 सदस्य तैनात थे। इनमें से 5 भारतीय नागरिक शामिल थे। इस अचानक हुए हमले में चार भारतीयों के मारे जाने की पुष्टि की गई है। पांचवें भारतीय नागरिक के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है, जिसकी स्थिति पर विदेश मंत्रालय नजर रखे हुए है और उसका इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है।

भारतीय दूतावास की निगरानी और सहायता

यूक्रेन में स्थित भारतीय दूतावास इस पूरी घटना के बाद से ही स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। दूतावास के अधिकारी स्थानीय यूक्रेन प्रशासन के साथ निरंतर संवाद में हैं ताकि प्रभावित नाविकों और उनके परिवारों को हर संभव मदद मुहैया कराई जा सके। विदेश मंत्रालय ने इस घटना में जान गंवाने वाले नाविकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और घायल भारतीय नागरिक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

भारत का सख्त रुख

भारत ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। भारत सरकार का कहना है कि कमर्शियल जहाजों को सैन्य निशानों के तौर पर इस्तेमाल करना, निर्दोष नागरिकों और चालक दल की जान जोखिम में डालना और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार एवं नौवहन की स्वतंत्रता को बाधित करना स्वीकार्य नहीं है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और ऐसे हमलों को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया है। ज्ञात हो कि पूर्व में 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में जहाजों पर हुए हमलों के मद्देनजर भारत सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए 'सीफेरर-फर्स्ट' नीति अपनाई है और समुद्री निगरानी के कड़े निर्देश दिए हैं।

हाल के दिनों में समुद्री सुरक्षा से जुड़ी अन्य घटनाएं

  • 1 मार्च 2026: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट एक तेल टैंकर पर हमला हुआ, जिसमें दो भारतीय नाविकों की मृत्यु हो गई और कई अन्य जख्मी हुए।
  • 12 मार्च 2026: इराक तट के पास तेल उत्पाद ले जा रहे सेफसी विष्णु (Safesea Vishnu) जहाज पर हमला हुआ, जिसमें एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी।
  • 18 अप्रैल 2026: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी गनबोट्स द्वारा एक भारतीय टैंकर पर फायरिंग की गई। हालांकि चालक दल सुरक्षित बच गया, लेकिन जहाज को अपना रूट बदलना पड़ा, जिसके बाद भारतीय नौसेना ने सतर्कता बढ़ा दी थी।
देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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