राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
2
विचारों
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सोमनाथ भारती ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि वह इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व संभालने में नाकाम साबित हुई है। उनका दावा है कि जब तक इस गठबंधन की कमान कांग्रेस के हाथ में रहेगी, तब तक इंडिया गठबंधन का कोई भविष्य नहीं है।
'अंदर और बाहर एक जैसा दिखना चाहिए'
आईएएनएस से बातचीत में सोमनाथ भारती ने कहा, “भारतीय गठबंधन एक मिशन के लिए खड़ा किया गया था। जैसे भाजपा ने एनडीए बनाया, ठीक वैसे ही हमने इंडिया गठबंधन बनाया था। लेकिन हर गठबंधन का एक धर्म होता है। यह धर्म कहता है कि जो भीतर है, वही बाहर भी नजर आना चाहिए। सार्वजनिक तौर पर यह कहा गया था कि हम एक गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ेंगे और एक-दूसरे के साथ खड़े रहेंगे, मगर पर्दे के पीछे कांग्रेस भाजपा का साथ देती दिख रही थी।”
दिल्ली में 4-3 के फॉर्मूले का जिक्र
आप नेता ने आगे कहा, “लोकसभा चुनाव में दिल्ली के लिए 4-3 का फॉर्मूला तय हुआ था। जो 3 सीटें कांग्रेस के खाते में गईं, उनके लिए अरविंद केजरीवाल ने खुलकर प्रचार किया। लेकिन जो 4 सीटें आम आदमी पार्टी को मिलीं, उनके लिए राहुल गांधी समेत कांग्रेस का कोई भी नेता वोट मांगने नहीं आया। ऐसे में यह कैसा गठबंधन हुआ?”
उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि उस दौरान यह बात पूरी तरह खुलकर सामने आ गई थी, जब शून्य सीट जीतने के बावजूद कांग्रेस ने कहा कि आम आदमी पार्टी हार गई। उनके मुताबिक, “इससे बड़ा सबूत और क्या होगा कि कांग्रेस को गठबंधन धर्म निभाना ही नहीं आता?”
'वोट चोरी की बात में दिल्ली को छोड़ देते हैं राहुल'
सोमनाथ भारती ने आरोप लगाया कि जब राहुल गांधी वोट चोरी की बात उठाते हैं तो दिल्ली को छोड़ देते हैं। उन्होंने दोहराया कि जब तक इंडिया गठबंधन की अगुवाई कांग्रेस करेगी, तब तक इस गठबंधन का कोई भविष्य नहीं है।
क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने का आरोप
इससे पहले सोमनाथ भारती ने कहा था कि कांग्रेस का रुख ऐसा है कि वह राजनीति को सिर्फ भाजपा और कांग्रेस तक सीमित रखना चाहती है और बाकी दलों को खत्म कर देना चाहती है, ताकि आने वाले समय में दोनों के बीच बारी-बारी से सत्ता चलती रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दिल्ली में जिस तरह आम आदमी पार्टी के साथ बर्ताव किया, उसी तरह पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के साथ भी किया। उनका कहना था कि अलग-अलग राज्यों में क्षेत्रीय दलों के प्रति कांग्रेस का रवैया भिन्न रहा है और कई जगहों पर उसने अप्रत्यक्ष रूप से विरोधी दलों का समर्थन किया।
भारती ने कहा कि जहां भी कोई क्षेत्रीय पार्टी मजबूत होती है, वहां कांग्रेस उसे कमजोर करने में जुट जाती है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी और पश्चिम बंगाल में टीएमसी इसके उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ऐसी नीतियों का अनुभव उनकी पार्टी खुद कर चुकी है, इसलिए उन्हें इसका भलीभांति अंदाजा है।
Comments
0 comment