पाकिस्तान: जेल से शिफा अस्पताल लाए गए इमरान खान, भारी सुरक्षा के बीच डॉक्टरों की टीम कर रही जांच विश्व 2 घंटे पहले 3
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। अस्पताल के आसपास के इलाके को पुलिस और सेना ने पूरी तरह अपने घेरे में ले लिया है।

अस्पताल परिसर में सुरक्षा का घेरा

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को एक बड़ी कानूनी प्रक्रिया के बाद आदियाला जेल से निकाल कर शिफा इंटरनेशनल अस्पताल पहुँचाया गया है। इमरान खान की सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी है कि पूरे अस्पताल परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। अस्पताल के बाहर और भीतर पाकिस्तानी सेना के जवानों के साथ-साथ पुलिस के भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अनहोनी या भीड़ को रोका जा सके। मीडियाकर्मियों को भी अस्पताल की मुख्य इमारत से काफी दूरी पर रखा गया है, जिससे अस्पताल के भीतर की स्थिति की जानकारी बेहद सीमित है। फिलहाल डॉक्टरों का एक विशेष पैनल इमरान खान की जांच कर रहा है और उनकी सेहत को लेकर निगरानी रखी जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट का कड़ा निर्देश

इमरान खान का अस्पताल में शिफ्ट होना पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत के दखल के बाद संभव हो पाया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने स्पष्ट आदेश में कहा था कि इमरान खान को उचित उपचार और बेहतर मेडिकल सुविधाएं मिलना उनका संवैधानिक हक है। अदालत ने अपने फैसले में जोर देकर कहा कि स्वास्थ्य और जीवन जीने का अधिकार सर्वोपरि है, इसलिए उन्हें तुरंत शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में भर्ती कराया जाए। इसके साथ ही अदालत ने यह भी निर्देश जारी किए थे कि सप्ताह में कम से कम एक बार उनके परिवार के सदस्यों को उनसे मिलने की अनुमति दी जाए।

सरकार बनाम अदालत की रस्साकशी

इस पूरे घटनाक्रम के बीच शहबाज शरीफ सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देने का प्रयास किया गया। सरकार ने कोर्ट के आदेश पर पुनर्विचार करने के लिए एक याचिका दायर की थी, जिसे अदालत के रजिस्ट्रार कार्यालय ने अधूरे दस्तावेजों और तकनीकी खामियों का हवाला देते हुए खारिज कर दिया। विश्लेषकों का मानना है कि यह शरीफ सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका है। इससे पहले, मंगलवार को चीफ जस्टिस की बेंच ने साफ कर दिया था कि 48 घंटों के भीतर इमरान खान को अस्पताल शिफ्ट किया जाए, क्योंकि उनकी गिरती सेहत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि, बुधवार को भी सरकार ने इस फैसले पर फिर से विचार करने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की थी।

सत्ता का डर और पीटीआई के आरोप

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी पीटीआई के नेता जुनैद अकबर ने वर्तमान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शहबाज शरीफ की सरकार इमरान खान से डरी हुई है। पार्टी का मानना है कि यदि इमरान खान जेल से बाहर आते हैं या उन्हें सार्वजनिक जीवन में थोड़ी भी छूट मिलती है, तो सरकार की सत्ता खतरे में पड़ जाएगी। पीटीआई का दावा है कि सरकार और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर किसी भी स्थिति में इमरान खान को जेल से बाहर नहीं आने देना चाहते। पार्टी नेताओं का तर्क है कि इमरान खान की लोकप्रियता का ग्राफ आज भी काफी ऊंचा है, जो सरकार और सत्ता के गलियारों में बैठे लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। समर्थकों का मानना है कि उनकी रिहाई या अस्पताल में भर्ती होना सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकट पैदा कर सकता है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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