भीगने को हो जाइए तैयार! अगले 24 घंटे में इन राज्यों पर बरसेंगे बादल, पंजाब-हरियाणा और यूपी में तूफान का खतरा राष्ट्रीय राजनीति 2 महीने पहले 80
देशभर में मानसून की रफ्तार तेज हो गई है और अगले 4 से 6 दिनों के भीतर मध्य व उत्तर भारत के कई राज्यों में इसकी दस्तक होने वाली है। मौसम विभाग ने भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर व्यापक अलर्ट जारी किया है।

उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा मानसून

देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है और इसकी रफ्तार में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 4 से 6 दिनों के भीतर मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा के शेष हिस्सों में अपनी पहुंच बना लेगा। इस बदलाव के साथ ही उत्तर और मध्य भारत के बड़े भूभाग में मानसून की सक्रियता बढ़ने की पूरी उम्मीद है, जिससे भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।

इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मौसम वैज्ञानिकों ने देश के कई हिस्सों के लिए चेतावनी जारी की है। अगले 24 घंटों के दौरान कोंकण, गोवा, तटीय कर्नाटक, केरल, असम और मेघालय में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं। प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।

पंजाब-हरियाणा और उत्तर प्रदेश में आंधी का संकट

मानसून के विस्तार के साथ ही मैदानी इलाकों में मौसम का मिजाज भी बिगड़ने वाला है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ चुनिंदा हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और धूल भरी आंधी चलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि लोग खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे न खड़े हों। हालांकि किसानों के लिए मानसून की यह सक्रियता फायदेमंद साबित होगी, लेकिन आंधी और तूफान के दौरान सावधानी बरतना आवश्यक है।

सक्रिय मौसम प्रणालियों का असर

पूरे भारत में हो रही बारिश की इन गतिविधियों के पीछे कई मौसमी प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। इनकी स्थिति इस प्रकार है:

  • समुद्र तल पर एक मौसमी ट्रफ पंजाब से गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल तक हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार होते हुए गुजर रही है।
  • मध्य क्षोभमंडल में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है।
  • पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश से तेलंगाना तक एक अन्य ट्रफ रेखा बनी हुई है।
  • मध्य प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण यानी साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है।
  • पूर्वोत्तर असम के ऊपर भी एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • महाराष्ट्र तट के पास पूर्व-मध्य अरब सागर में एक और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जो पश्चिमी तट पर लगातार भारी बारिश का कारण बन रहा है।

अगले 24 घंटों का विस्तृत पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए व्यापक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:

  • अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी: कोंकण, गोवा, तटीय कर्नाटक, केरल, सिक्किम, असम और मेघालय।
  • भारी बारिश की संभावना: पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, दक्षिण गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह।
  • हल्की से मध्यम बारिश: बिहार, झारखंड, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पूर्वी राजस्थान और पूर्वोत्तर भारत के शेष राज्य।
  • हिमालयी राज्यों का हाल: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।

इन सभी मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे तापमान में गिरावट और मानसून की व्यापक पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी। आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और भारी बारिश की चेतावनी वाले क्षेत्रों में यात्रा करते समय सावधानी बरतें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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