राष्ट्रीय राजनीति
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मानसून की नई सक्रियता और मौसम का पूर्वानुमान
अगस्त का महीना समाप्त होने की ओर है, लेकिन मानसून की विदाई की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की हालिया रिपोर्ट चिंता पैदा करने वाली है। बंगाल की खाड़ी के ऊपरी हिस्सों में बना कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) लगातार अपनी तीव्रता बढ़ा रहा है और यह सिस्टम अब उत्तर ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल के तटों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 17 घंटों के भीतर इस मौसमी हलचल का असर देश के विभिन्न हिस्सों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगेगा।
IMD की भविष्यवाणियों के मुताबिक, 30 अगस्त को कुल 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश का दौर काफी तीव्र होने वाला है। इस सिस्टम का सबसे अधिक प्रभाव पूर्वी भारत में देखने को मिलेगा, जहां ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रों में भारी से लेकर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और गंगीय पश्चिम बंगाल में भी मूसलाधार बारिश का अलर्ट है।
साइक्लोनिक सर्कुलेशन और मौसमी सिस्टम का प्रभाव
इस पूरे मौसमी बदलाव के पीछे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित कम दबाव का क्षेत्र मुख्य भूमिका निभा रहा है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इस सिस्टम से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है, जो इसे काफी शक्तिशाली बनाता है।
विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में यह तंत्र और अधिक सक्रिय होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की दिशा में गति करेगा। जैसे-जैसे यह ओडिशा और पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ेगा, झारखंड और मध्य भारत के बड़े हिस्सों में भी वर्षा की गतिविधियां जोर पकड़ेंगी। इस दौरान हवाओं की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो समुद्र तटीय इलाकों के लिए खतरे का संकेत है।
ओडिशा और पश्चिम बंगाल पर सबसे बड़ा संकट
ओडिशा के लिए 30 अगस्त को सबसे अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि यहां अत्यंत भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। केवल इतना ही नहीं, 31 अगस्त और 1 सितंबर को भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। भारी जलभराव के कारण निचले इलाकों में सड़कों पर पानी भरने और यातायात बाधित होने की पूरी संभावना है।
गंगीय पश्चिम बंगाल में भी स्थिति कुछ ऐसी ही रहने वाली है। 30 अगस्त को यहां भारी से बहुत भारी बारिश के साथ तेज हवाओं के झोंके और बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं। आईएमडी ने 29 अगस्त से 31 अगस्त के बीच राज्य में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान लगाया है, जिसके मद्देनजर लोगों को खुले आसमान के नीचे जाने से परहेज करने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत और दिल्ली-NCR का हाल
राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में 30 अगस्त का दिन अपेक्षाकृत शांत रहने की उम्मीद है, जहां केवल आंशिक रूप से बादल छाए रहने का पूर्वानुमान है। हालांकि, दिल्ली के मौसम पर मानसून ट्रफ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बने चक्रवाती परिसंचरण का असर पड़ सकता है। आगामी दिनों में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश बढ़ने की संभावना के कारण दिल्ली के मौसम के मिजाज में भी बदलाव संभव है।
उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 30 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं, साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। आईएमडी के अनुसार, 1 सितंबर से 4 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2 से 4 सितंबर के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तराखंड के पहाड़ों में भी 29 अगस्त से 4 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे भूस्खलन और अचानक जलभराव का खतरा बना रहेगा।
मध्य और पूर्वी भारत में मानसून का असर
बिहार में 30 अगस्त को भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो 4 सितंबर तक छिटपुट जारी रह सकती हैं। झारखंड के लिए 31 अगस्त का दिन अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जब कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के हिस्सों में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही रहेगी। छत्तीसगढ़ में 30 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 और 3 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। विदर्भ क्षेत्र में भी 30 अगस्त को भारी वर्षा का अनुमान लगाया गया है।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत की स्थिति
पूर्वोत्तर राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 29 अगस्त से 3 सितंबर तक बारिश का क्रम बना रहेगा। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक में 4 सितंबर तक व्यापक वर्षा के आसार हैं, जबकि केरल और माहे में 30 अगस्त से 1 सितंबर के बीच सक्रिय मानसून देखा जा सकता है। तमिलनाडु, तेलंगाना और रायलसीमा में भी छिटपुट बारिश जारी रहेगी।
मछुआरों के लिए समुद्री चेतावनी
मौसम विभाग ने समुद्री गतिविधियों को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के पास हवाओं की गति 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जो कभी-कभी 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बंगाल की खाड़ी में ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों के आसपास समुद्र की स्थिति अत्यंत खराब रहने का अनुमान है। साथ ही मन्नार की खाड़ी और श्रीलंका के आसपास के समुद्री जलक्षेत्र में भी मछुआरों को समुद्र में प्रवेश न करने या अत्यधिक सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है।
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