घर के पौधों में जान फूंक देंगे ये घरेलू लिक्विड फर्टिलाइजर, फिर से लहलहा उठेंगे गमले जीवनशैली एक घंटा पहले 4
अगर आपके घर में रखे पौधों की पत्तियां पीली पड़ रही हैं या उनकी बढ़त रुक गई है, तो घर पर मौजूद चीजों से बना यह प्राकृतिक खाद आपके बहुत काम आ सकता है।

पौधों की देखभाल और पोषण का तरीका

घर की बालकनी या गार्डन में लगाए गए पौधों की खूबसूरती तब फीकी पड़ने लगती है जब उनकी पत्तियां पीली होने लगती हैं या वे सूखने लगते हैं। इसके पीछे अक्सर मिट्टी में जरूरी पोषक तत्वों की कमी या पानी का असंतुलन मुख्य कारण होता है। ऐसे में बाजार की महंगे रसायनों वाली खाद के बजाय आप रसोई में मिलने वाली चीजों से तैयार लिक्विड फर्टिलाइजर का उपयोग कर सकते हैं। गेट माय हार्वेस्ट के एक वीडियो में पौधों के पोषण के लिए कुछ बेहद कारगर घरेलू नुस्खे साझा किए गए हैं। इन खाद का सही मात्रा में और सही ढंग से प्रयोग करने पर पौधों की ग्रोथ में सुधार आता है और वे फिर से हरे-भरे दिखने लगते हैं।

इन लिक्विड फर्टिलाइजर का करें इस्तेमाल

पौधों को पोषण देने के लिए आप नीचे दी गई चीजों को खाद के रूप में आजमा सकते हैं:

  • प्याज और लहसुन के छिलके का पानी: ये छिलके कचरा नहीं बल्कि एक बेहतरीन ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर का काम करते हैं। इनमें मौजूद नाइट्रोजन, पोटैशियम और सल्फर पौधों की कोशिकाओं को मजबूती देते हैं। खास तौर पर गुड़हल के पौधों के लिए यह खाद बहुत प्रभावी मानी जाती है।
  • आलू का उबला हुआ पानी: जब आप आलू उबालें, तो उस पानी को नाली में न बहाएं। इस पानी में पोटेशियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस भरपूर होता है, जो पौधों को पोषण प्रदान करता है। हालांकि, ध्यान रहे कि अगर आलू उबालते समय पानी में नमक का इस्तेमाल किया गया है, तो उसे पौधों में बिल्कुल न डालें। यह हर तरह के पौधों के लिए काफी फायदेमंद है।
  • दाल और चावल का पानी: दाल और चावल को धोने के बाद बचे हुए पानी में विटामिन्स, मिनरल्स और स्टार्च की प्रचुर मात्रा होती है। यह प्राकृतिक खाद न केवल पौधों की ग्रोथ तेज करती है, बल्कि मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को भी बेहतर बनाती है।
  • पनीर का पानी (व्हे): पनीर बनाने के बाद बचा हुआ पानी, जिसे व्हे कहा जाता है, उसमें कैल्शियम, प्रोटीन और कई खनिज तत्व होते हैं। यह लिक्विड पौधों की जड़ों को पोषण देकर उन्हें मजबूत बनाता है।
  • केले के छिलके का पानी: केले के छिलकों में फास्फोरस, मैग्नीशियम और पोटैशियम का अच्छा स्रोत होता है। आप छिलकों को सुखाकर उनका पाउडर तैयार कर सकते हैं या फिर उन्हें पानी में भिगोकर उसका लिक्विड खाद के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। यह पौधों को अंदरूनी मजबूती देने में कारगर है।

इन आसान घरेलू तरीकों को अपनाकर आप बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अपने पौधों की सेहत को बेहतर बना सकते हैं। इन नुस्खों का नियमित इस्तेमाल पौधों को नई ऊर्जा देता है और उनके विकास में मदद करता है।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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