राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ईरान से जुड़े मौजूदा तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसके संभावित असर को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आगाह किया कि यदि यह टकराव कई महीनों तक खिंचता रहा, तो दुनिया की आर्थिक स्थिति पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
सबसे खराब स्थिति को लेकर चेतावनी
सीएनएन-न्यूज18 को दिए एक विशेष साक्षात्कार में पुरी ने बताया कि हाल ही में उनसे ईरान संकट के सबसे खराब संभावित परिदृश्य के बारे में सवाल किया गया था। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अगर यह संकट 31 मार्च 2027 तक जारी रहता है, तो हालात पूरी तरह बदल जाएंगे और दुनिया वैश्विक आर्थिक मंदी यानी ग्लोबल डिप्रेशन की ओर बढ़ सकती है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर भरोसा
इन आशंकाओं के बावजूद मंत्री ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि देश ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति के स्रोतों में काफी विविधता ला दी है और भारत के पास पर्याप्त भंडार उपलब्ध हैं।
पुरी ने स्पष्ट किया कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य (होर्मुज स्ट्रेट) अगले 30 दिनों तक भी बंद रहता है, तब भी भारत के पास जरूरी ऊर्जा संसाधनों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद रहेगा।
क्या है '60-60-60' का लक्ष्य
मंत्री ने बताया कि उनका लक्ष्य हमेशा से '60-60-60' का रहा है, जिसका मतलब है 60 दिनों के लिए कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और एलपीजी का भंडार सुनिश्चित रखना। उन्होंने कहा कि फिलहाल भारत के पास इतना भंडार मौजूद है और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
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