पीएम मोदी का बड़ा बयान, कहा- हथियारों वाले नक्सलियों से ज्यादा खतरनाक हैं दिमागी नक्सली भारत 2 घंटे पहले 4
स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद की समस्या पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने इसे देश की प्रगति में बड़ी बाधा बताते हुए इसके खात्मे का संकल्प दोहराया।

देश की प्रगति में बाधक है नक्सलवाद

स्वतंत्रता दिवस 2026 के पावन अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भारत को उन पुरानी चुनौतियों से पूरी तरह मुक्त करना आवश्यक है, जिन्होंने दशकों तक देश की प्रगति की गति को धीमा रखा है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि नक्सलवाद और माओवाद ने लाखों युवाओं के भविष्य को अंधेरे में धकेला है। इसकी वजह से अनगिनत माताओं ने अपने जवान बेटों को खोया है और अनेक परिवारों के सपने बिखर गए हैं। करीब चार दशकों से नक्सलवाद ने देश के बड़े हिस्सों और वहां की आबादी को अपनी हिंसक गिरफ्त में रखा था, जहां संविधान को ताक पर रखकर बंदूक के दम पर शासन चलाया गया।

दिमागी नक्सलियों से सतर्क रहने की अपील

प्रधानमंत्री ने एक अहम चेतावनी देते हुए कहा कि आज भारत के सामने हथियारों से लैस नक्सलियों से भी बड़ी चुनौती दिमागी नक्सली बने हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये लोग देश के लिए कहीं अधिक घातक हैं और ऐसे तत्वों से देश को सुरक्षित रखना अब हमारी प्राथमिकता है।

नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई

सुरक्षा बलों के बलिदान को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि आम नागरिकों की रक्षा के लिए हमारे 3,500 से ज्यादा पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की हिंसा ने धरती को खून से सराबोर कर दिया था। वर्ष 2014 में जब देश ने उन्हें सेवा का अवसर दिया, तभी से सरकार ने नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प ले लिया था। आज नक्सली और माओवादी हिंसा पूरी तरह से कमजोर पड़ चुकी है और यह अपने अंतिम चरण में है। हम इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

बदलाव की बयार

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले नक्सलियों की गोलियों की आवाज सुनाई देती थी और जहां की जमीन खून से सनी रहती थी, वहां आज विकास, विश्वास और जन-प्रयास का तिरंगा गर्व के साथ लहरा रहा है। ये नक्सल-प्रभावित इलाके अब नक्सलवाद-मुक्त भारत की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप