समस्तीपुर में मानव तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 115 युवक-युवतियां मुक्त, कई नाबालिग भी शामिल बिहार 2 महीने पहले 48
बिहार के समस्तीपुर में पुलिस ने जॉइंट रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को तोड़ा। असम और पश्चिम बंगाल से लाए गए 115 युवक-युवतियों को सुरक्षित मुक्त कराया गया, जिनमें 48 लड़कियां, 67 लड़के और कई नाबालिग शामिल हैं।

बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

बिहार के समस्तीपुर जिले में पुलिस ने मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। बुधवार की रात से गुरुवार की सुबह तक चले जॉइंट रेस्क्यू ऑपरेशन में अलग-अलग ठिकानों से कुल 115 युवक-युवतियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें 48 लड़कियां और 67 लड़के शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से कई नाबालिग भी हैं।

सरकारी नौकरी का झूठा वादा देकर फंसाया

शुरुआती जांच में सामने आया है कि असम और पश्चिम बंगाल के गरीब परिवारों के युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झूठा भरोसा दिलाकर समस्तीपुर लाया गया था। यहां उन्हें एक कथित सेंटर में रखा जाता था, जहां चौबीस घंटे उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाती थी। पीड़ितों के मुताबिक, जब भी कोई घर लौटने या काम छोड़ने की बात करता था, तो उसे डराया-धमकाया जाता था और मारपीट भी की जाती थी।

एक लापता युवती की जांच से खुला पूरा मामला

इस नेटवर्क का भंडाफोड़ तब हुआ जब एक युवती के लापता होने की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ते-बढ़ते इस पूरे रैकेट तक पहुंच गई और फिर बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान चलाया गया।

कई एजेंसियों ने मिलकर की कार्रवाई

इस ऑपरेशन को अंजाम देने में कई एजेंसियां एकजुट हुईं:

  • पुलिस
  • Anti Human Trafficking Unit
  • महिला थाना
  • सामाजिक संस्थाएं
  • अन्य जांच एजेंसियां

SP Arvind Pratap Singh बोले, जांच जारी है

पुलिस अधीक्षक Arvind Pratap Singh ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी पीड़ितों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है और पूरे नेटवर्क की हर कड़ी खंगाली जा रही है।

मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी पुलिस

जांच एजेंसियां अब इस रैकेट के मास्टरमाइंड को पकड़ने में लगी हैं। पुलिस ऐसे दूसरे नेटवर्क और उनसे जुड़े लोगों की भी तलाश कर रही है। पीड़ितों की पहचान की जा रही है और उनके परिवारों से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के साथ-साथ कई सामाजिक संस्थाएं भी पूरे मामले पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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