दिल्ली
3 घंटे पहले
4
विचारों
पोर्टल के जरिए जांच में मिलेगी मदद
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित उच्चाधिकार प्राप्त जांच समिति, जिसे HPEC के नाम से जाना जाता है, ने जुलाई 2026 में दिल्ली के जंतर-मंतर और राजधानी के अन्य हिस्सों में भड़की हिंसा की पड़ताल के लिए एक आधिकारिक पोर्टल पेश किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य हिंसा का शिकार हुए आम नागरिकों, तैनात पुलिस कर्मियों और घटना से जुड़े हर संबंधित व्यक्ति तक अपनी बात समिति तक पहुंचाने का जरिया बनना है। इस पोर्टल के माध्यम से लोग अपने बयान, जरूरी दस्तावेज और शिकायतें सीधे तौर पर समिति के साथ साझा कर सकते हैं।
जांच के मुख्य बिंदु और प्राथमिकता
यह समिति सुप्रीम कोर्ट के 18 अगस्त 2026 के आदेश के पैराग्राफ 12 और 13, तथा 10 सितंबर 2026 के आदेश के पैराग्राफ 5(i) में दर्ज सभी बिंदुओं पर बारीकी से काम करेगी। समिति ने यह स्पष्ट किया है कि किन मामलों को जांच में पहली वरीयता दी जाएगी:
- पेलेट गन का इस्तेमाल।
- महिला प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाकर की गई हिंसा या उनका उत्पीड़न।
- दोनों पक्षों की ओर से हुई उग्र हिंसा और सार्वजनिक या निजी संपत्ति को पहुंचा नुकसान।
समिति ने पोर्टल की तकनीक को इस तरह डिजाइन किया है कि गवाहों की सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित रहे। यदि कोई संवेदनशील गवाह या पीड़ित अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहता, तो उसे गोपनीय रहकर भी अपनी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दी गई है। सभी से अनुरोध किया गया है कि वे पोर्टल पर दिए गए फॉर्म का उपयोग करें और अपने सुझाव या जानकारी साझा करें।
शिकायत दर्ज करने के अन्य माध्यम
यदि कोई व्यक्ति डिजिटल माध्यम के अलावा भौतिक रूप से अपनी शिकायत पहुंचाना चाहता है, तो उसके लिए भी विकल्प खुले हैं। ऐसे लोग कार्यदिवसों में दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे के बीच समिति के कार्यालय जाकर दस्तावेज जमा कर सकते हैं। कार्यालय का पता शिक्षा सदन, 17, राउज एवेन्यू इंस्टीट्यूशनल एरिया, नई दिल्ली-110002 है। इसके अलावा, शिकायतों को डाक के माध्यम से भी इसी पते पर भेजा जा सकता है या फिर hpec2026.enquiry@nic.in पर ईमेल किया जा सकता है। पोर्टल का लिंक hpec.nic.in है।
बता दें कि जंतर-मंतर लंबे समय से विभिन्न विरोध प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र रहा है, जहां भारी भीड़ जुटती आई है। कई बार यहां अलग-अलग दलों के प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बिगड़ी और हिंसा की घटनाएं सामने आईं। इन्हीं मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने HPEC का गठन किया था। इस बीच, एक अन्य घटनाक्रम में CJP नेता अभिजीत दिपके को SEM कोर्ट से सशर्त जमानत मिलने की खबर भी सामने आई है।
Comments
0 comment