मानसून आने से पहले करा लें फसल का बीमा, वरना एक झटके में बेकार हो सकती है सालभर की मेहनत राजस्थान एक घंटा पहले 2
भीलवाड़ा जिले में किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत समय रहते फसल बीमा कराने की अपील की गई है, ताकि प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर आर्थिक सुरक्षा और मुआवजा मिल सके।

भीलवाड़ा जिले में मानसून की दस्तक की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और किसान खरीफ फसलों की बुवाई की योजना बनाने में जुट गए हैं। ऐसे मौके पर किसानों के लिए अपनी फसलों का बीमा करवाना बेहद अहम हो जाता है। फसल बीमा योजना का मकसद प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, सूखा, बाढ़, तेज हवा या किसी अन्य वजह से फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक मदद देना है। इससे नुकसान होने पर किसान को कुछ राहत मिल जाती है और उसकी पूरे साल की मेहनत पूरी तरह बेकार नहीं जाती।

खेती के जोखिम से बचाने वाला सुरक्षा कवच

फसल बीमा दरअसल एक ऐसी सुरक्षा कवच योजना है, जो किसानों को खेती में आने वाले जोखिमों से बचाने का काम करती है। यदि किसी किसान की फसल कम बारिश, ज्यादा बारिश, कीटों के प्रकोप या प्राकृतिक आपदा के चलते खराब हो जाती है, तो बीमा कंपनी तय नियमों के मुताबिक मुआवजा देती है। इसकी मदद से किसान को अगली फसल की तैयारी करने और आर्थिक संकट से उबरने में सहूलियत मिलती है।

बीमा से हो जाती है नुकसान की भरपाई

बरसात के मौसम में कई बार खेतों में पानी भर जाता है या लगातार होने वाली बारिश से फसलें बर्बाद हो जाती हैं। वहीं कुछ इलाकों में पर्याप्त बारिश न होने से भी पैदावार पर असर पड़ता है। ऐसे हालात में जिन किसानों ने फसल बीमा करवा रखा होता है, उन्हें नुकसान की भरपाई के तौर पर बीमा राशि मिल सकती है। यही वजह है कि कृषि विभाग और प्रशासन हर साल किसानों को समय रहते फसल बीमा करवाने के लिए जागरूक करते रहते हैं।

कैसे करें आवेदन

किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए वे अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति या कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय आधार कार्ड, जन आधार, बैंक पासबुक, भूमि से जुड़े दस्तावेज और फसल बुवाई की जानकारी की जरूरत पड़ती है। कई मामलों में ऋणी किसानों का बीमा बैंक के जरिए ही कर दिया जाता है, जबकि गैर ऋणी किसान खुद आवेदन कर सकते हैं।

अंतिम तारीख का इंतजार न करें

किसानों को अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय समय रहते अपनी फसलों का बीमा करवा लेना चाहिए। ऐसा करने से किसी तकनीकी दिक्कत या दस्तावेज की कमी की वजह से आवेदन छूटने की आशंका नहीं रहेगी। मानसून के दौरान मौसम का मिजाज कब बदल जाए, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं होता। यही वजह है कि फसल बीमा किसानों के लिए सुरक्षा का एक अहम जरिया है, जो मुश्किल वक्त में आर्थिक संबल दे सकता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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